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HBSE 10th Result: हरियाणा में आज जारी होगी 10वीं का परिणाम: पहली बार CBSE पैटर्न पर चैक हुई कॉपियां, रिजल्ट 90% रहने की संभावना

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 HBSE 10th Result: हरियाणा में आज जारी होगी 10वीं का परिणाम: पहली बार CBSE पैटर्न पर चैक हुई कॉपियां, रिजल्ट 90% रहने की संभावना
HBSE 10th Result: हरियाणा बोर्ड आज 10वीं परीक्षा का परिणाम घोषित करेगा। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. वीपी यादव ने सुबह 11 बजे प्रेस वार्ता बुलाई है। लोकसभा चुनाव के ध्यान में रखते हुए इस बार सभी विषयों की कॉपियों की मार्किंग का कार्य 8 मई को खत्म किया जा चुका है। इस परिणाम में 90 फीसदी बच्चों के पास होने की संभावना है।

हालांकि इससे पहले बोर्ड की ओर से 15 मई तक रिजल्ट आने का ऐलान किया गया था, कॉपियों की मार्किंग के लिए प्रदेशभर में सेंटर बनाए थे। रिजल्ट जल्दी निकल सके इसलिए सभी विषयों की एक साथ मार्किंग का काम शुरू किया गया था।

65% रहता है दसवीं का रिजल्ट

हरियाणा में अभी तक दसवीं का रिजल्ट अधिकतम 65% तक ही रहता है। पिछले 5 सालों के आंकड़ों को देखें तो भी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का 10वीं कक्षा का परिणाम औसतन 60 से 65 प्रतिशत ही रहा है। बोर्ड के नए बदलाव के बाद अब 25 से 30 प्रतिशत रिजल्ट बढ़ने के आसार हैं, जिसके बाद रिजल्ट 90 प्रतिशत से अधिक जाने की संभावना है।

बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस बार रिजल्ट को डीजी लॉकर से जोड़ दिया जाएगा, ताकि किसी भी परीक्षार्थी को अगली कक्षा में प्रवेश के दौरान किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

मार्किंग पैटर्न में बदलाव किया

हरियाणा में इस बार 10वीं बोर्ड एग्जाम में हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मूल्यांकन पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड इस बार सीबीएसई पैटर्न पर कॉपियों की जांच कर रहा है। इसके साथ ही सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी के भी नंबर जोड़े जा रहे हैं। इसके बाद ही बोर्ड रिजल्ट घोषित करेगा।

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इसका असर सीधे तौर पर 10वीं के रिजल्ट पर पड़ेगा। बोर्ड के इस बदलाव से 90 % स्टूडेंट्स पास हो सकते हैं। यानी अब तक के परिणामों के औसत से 25 से 30 प्रतिशत तक अधिक आने की संभावना है।

सब्जेक्ट वाइज लगी टीचरों की ड्यूटी

हरियाणा में 10वीं में विद्यार्थी ज्यादा हैं, इसलिए सेंटर भी अधिक बनाए थे। मार्किंग के लिए विषय वाइज शिक्षकों की ड्यूटी लगाई थी। हर मार्किंग सेंटर पर करीब 15 ग्रुप बनाए गए थे, जिसमें हर ग्रुप में 11-11 शिक्षकों को शामिल किया गया था। छह विषय अनिवार्य हैं तो इनकी कॉपियां ज्यादा है, बाकी विषयों की कम है। सूत्रों की मानें तो कुछ शिक्षकों की दोनों बार मार्किंग में ड्यूटी लगी थी।

जिनकी ड्यूटी पहले 12वीं की मार्किंग में लगी थी, उनकी 10वीं की मार्किंग में भी ड्यूटी आई है।कुछ जगह आउट ऑफ डिविजन भी शिक्षकों की ड्यूटी लगी है या किसी एक ही स्कूल से एक ही विषय के सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी।

ऐसे हुआ मार्किंग का काम

बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि एक टीचर को हर रोज 30 कॉपियां चेक करनी होती हैं। सब एग्जामिनर कॉपियां चेक करता है और हेड एग्जामिनर कॉपियों को रिचेक करता है। इसके बाद चेकिंग असिस्टेंट कॉपी के मार्क का मिलता करते हैं कि कहीं अनमार्क न हो। अंकों का मिलान कर अवॉर्ड बनते हैं।