हिसार विनोद काणा हत्याकांड: बरी होने के बाद खत्म हो गई विनोद काणा की स्टोरी, अदालत परिसर में 6 गोलियां मारकर हत्या
Mahendra india news, new delhi
हिसार अदालत परिसर के अंदर वीरवार को बड़ी वारदात देखने को मिली थी। बता दें कि हिसार कोर्ट परिसर के मुख्य गेट पर दोपहर करीब ढाई बजे गैंगस्टर विनोद काना की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। गैंगवार में विनोद के 3 साथी भी घायल हुए थे, उनको प्राईवेट अस्पताल में उपचार चल रहा है।
जिस केस में 5 वर्ष से अधिक वक्त से कोर्ट में सुनवाई चल रही थी उसका निर्णय वीरवार को विनोद पानू उर्फ काणा के पक्ष में आया था। अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश सौरव खत्री की कोर्ट ने साल 2021 के हत्या के प्रयास मामले में विनोद समेत सभी 12 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। इस निर्णय के करीब करीब 27 मिनट बाद कोर्ट परिसर में ही विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या कर दी गई।
बता दें कि मर्डर के प्रयास मामले में विनोद पानू उर्फ काणा, कुलदीप उर्फ बुदिया, कुलदीप, सागर, बलजीत, संदीप, सुरेंद्र, प्रदीप, रोहित, नरेंद्र, सज्जन और मुकेश आरोपी थे। वीरवार को इनमें से विनोद समेत 10 आरोपी अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए थे जबकि सज्जन और मुकेश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से। कोर्ट में चले अभियोग के मुताबिक मामला बधावड़ निवासी रामअवतार की शिकायत से शुरू हुआ था।
हत्या के प्रयास मामले में विनोद पानू उर्फ काणा, कुलदीप उर्फ बुदिया, कुलदीप, सागर, बलजीत, संदीप, सुरेंद्र, प्रदीप, रोहित, नरेंद्र, सज्जन और मुकेश आरोपी थे। वीरवार को इनमें से विनोद समेत 10 आरोपी अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए थे जबकि सज्जन और मुकेश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से। अदालत में चले अभियोग के अनुसार मामला बधावड़ निवासी रामअवतार की शिकायत से शुरू हुआ था।
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बता दें कि रामअवतार ने 6 नवंबर 2021 को बरवाला थाने में दी शिकायत में बताया था कि 5 नवंबर 2021 की शाम वह गांव गुराना की सीमा पर स्थित अपने खेत से ट्रैक्टर लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार 3-4 युवक उसके पास आए और पेट्रोल पंप का रास्ता पूछने लगे। इसी बीच एक युवक ने रामअवतार से बधावड़ निवासी बलजीत शर्मा के साथ उसके विवाद के बारे में पूछा। आरोप था कि युवक ने उसे धमकी दी और इसके बाद कट्टे से उसके सिर की तरफ गोली चला दी। रामअवतार ने झुककर अपनी जान बचाई। गोली उसके सिर के बाएं हिस्से को छूकर निकल गई।
रामअवतार ने पुलिस को बताया कि उसका बलजीत शर्मा के साथ प्लाट को लेकर झगड़ा चल रहा था और कई बार गांव में पंचायत भी हो चुकी थी। उसने पहले भी बलजीत शर्मा के खिलाफ पुलिस को शिकायत देने की बात कही थी। इस केस में बरवाला थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की और मामला कोर्ट मेंं पहुंचा। गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
