हरियाणा में कानूनगों को 3 दिन में और पटवारियों को 5 में निपटाने होंगे दाखिल-खारिज मामले, हरियाणा में समय-सीमा तय
mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश में अब कानूगों व पटवारियों की दाखिल खारिज के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। प्रदेश में राजस्व अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज (इंतकाल/म्यूटेशन) के मामलों को निपटाने की समय-सीमा तय कर दी गई है। इसके लिए कानूनगों को 3 दिन में व पटवारियों को 5 दिनों के भीतर मामलों का निपटारा करना अनिवार्य होगा।
आपको बता दें कि यह निर्णय वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा मीटिंग में लिया गया। आटो-म्यूटेशन के कार्यान्वयन, लंबित मामलों, तकनीकी समस्याओं के समाधान और ग्राउंड लेवल पर आने वाली दिक्कतों की नियमित निगरानी के लिए एक समर्पित मानिटरिंग सेल भी गठित किया जाएगा।
500000 से अधिक म्यूटेशन मामलों का समाधान किया जा चुका है। वेब हेलरिस से माइग्रेशन के लिए अभी भी लंबित करीबन 40 हजार पुराने (विरासत) म्यूटेशन मामलों पर चर्चा करते हुए डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि आटो-म्यूटेशन सिस्टम का टेस्ट चेक दो दिनों के भीतर पूरा किया जाए।
सभी लंबित पुराने मामलों को 10 दिनों के भीतर नए सिस्टम में माइग्रेट किया जाए तथा लंबित रिकार्ड और डेटा की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर उन्हें क्लियर किया जाए। संशोधित म्यूटेशन प्रिंट प्रारूप हिंदी में जनरेट किया जाएगा, जिसमें सभी कालम के शीर्षक सरल भाषा में दिखाई देंगे। कालम 7 में नया खेवट नंबर जोड़ा जाएगा और जहां लागू हो वहां लेनदेन की राशि (कंसीडरेशन अमाउंट) दर्ज की जाएगी।
