केरल में जंगली जानवर किसानों की फसलों को नष्ट करने के साथ-साथ किसानों पर भी करते हैं हमला: लखविंदर सिंह औलख
mahendra india news, new delhi
सिरसा। संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के कोऑर्डिनेशन कमेटी के मेंबर लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि सुखजीत सिंह हरदोझंडे व अंग्रेज सिंह बूटेवाला के साथ वे केरला में मोर्चे की कन्वेंशन व वहां के किसानों की मांगों को लेकर चल रहे सत्याग्रह में शामिल हुए। औलख ने बताया कि केरल में रबड़, नारियल, मसाले, सुपारी, केला, नारियल, मसाले, सुपारी, केला, चावल इत्यादि फसलें उगाई जाती हैं,
लेकिन जंगलों में हाथी, चीता, जंगली सूअर, बंदर व मोर इत्यादि जानवर किसानों के खेतों में आकर उनकी सारी फैसलें नष्ट कर देते हैं। किसानों व खेत मजदूरों पर हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं। कई किसानों की जान भी चली गई है। साल 2024 में जंगली जानवरों के हमले से 25 किसानों की जानें गई, जिसमें आदिवासी, पिछड़े किसान व मजदूर शामिल थे, जो खेतों में रहते हैं। विलारीकुंडू में चल रहे सत्याग्रह कमेटी के सदस्यों ने बताया कि हम कई बार प्रशासन व सरकार से गुहार लगा चुके हैं,
लेकिन उन्हें जीवों से प्रभावित किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए हमने सत्याग्रह का रास्ता अपनाया है। आज विलारीकुंडू में हजारों किसानों ने रोष मार्च निकाला, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक से सुखजीत सिंह हरदोझंडे, के वी बीजू, लखविंदर सिंह औलख व अंग्रेज सिंह बूटेवाला ने भी शिरकत की। सत्याग्रह पर एकत्रित किसानों को संबोधित करते हुए एसकेएम गैर राजनीतिक के किसान नेताओं केरल के किसानों को आश्वासन दिया कि वह जंगली जानवरों के आतंक से पीडि़त किसानों के साथ हैं।
