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पंजाब रोडवेज में आज से बसों में सफर करना होगा मुश्किल, हुआ यह ऐलान

रोडवेज कर्मचारियों की ये हैं मांग 

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रोडवेज कर्मचारियों की ये हैं मांग 

mahendra india news, new delhi

पंजाब में आज से यानि मंगलवार से पंजाब रोडवेज बसों में सफर करना मुश्किल हो सकता है क्योंकि कर्मचारी यूनियनें बसों में उतने ही यात्रियों बैठाया जाएगा, जितनी सीटें होंगी। दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए हिट एंड रन काले कानून के चलते पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी कर्मचारियों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए बसों में जितनी सीटें हैं उतनी यात्रियों बैठाने का ऐलान किया है, क्योंकि हिट एंड रन कानून के चलते वे कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते।

इस कारण चालक- परिचालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही जो लोग प्रतिदिन राजकीय बसों में सफर करते हैं, उन्हें भी मुश्किल हो सकती है। इस विरोध प्रदर्शन में डिपो प्रधान सतनाम सिंह ने कहा कि वे पंजाब सरकार की कर्मचारियों के प्रति द्वेषपूर्ण नीतियों से परेशान हो चुके हैं क्योंकि सरकार उनके बारे में नहीं सोच रही है।

उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर वे पंजाब के सीएम का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। ट्रांसपोर्ट के कर्मचारी द्वारा 52 सीटों वाली बस में  23 जनवरी से  52 सवारियों को सफर करवाया जाएगा। 23 जनवरी को लुधियाना में  ट्रक यूनियन और पनबस, पीआरटीसी के वर्करों को संगठित किया जाएगा। 


सरकार को साढ़े 3 करोड़ में पड़ती है स्कीम
पंजाब में महिलाओं की मुफ्त यात्रा से सरकार को भारी नुकसान हो रहा है। सरकार को मुफ्त बस योजना के रुपये पीआरटीसी व पंजाब रोडवेज को अदा करने पड़ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार मुफ्त बस सेवा के बदले सरकारी ट्रांसपोर्ट कंपनियों को सालाना करीब 350 करोड़ रुपये का भुगतान करती है और वर्तमान में ट्रांसपोर्ट कंपनियों का सरकार पर करोड़ों रुपये बकाया है। जानकारी के  अनुसार, पुरुष यात्रियों के मामले में ली जाने वाली आधी राशि नकद में भुगतान की जाती है, जबकि महिला सवारियों के लिए 20 लाख रुपये दैनिक किराये का भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है।