home page

सिरसा में कांडा कालोनीवासियों ने किया चार साहिबजादों की याद में समर्पित लंगर का आयोजन

आयोजकों ने गोबिंद कांडा को तलवार भेंटकर और सिरोपा पहनाकर कर किया सम्मानित

ताजा खबरों, बिजनेस, केरियर व नौकरी संबंधित खबरों के लिए

व्हाट्सअप ग्रुप

से जुड़े

 | 
आयोजकों ने गोबिंद कांडा को तलवार भेंटकर और सिरोपा पहनाकर कर किया सम्मानित

mahendra india news, new delhi

सिरसा की रानियां रोड स्थित कांडा कालोनीवासियों की ओर से बलिदानी सप्ताह के तहत चार साहिबजादों की याद में समर्पित लंगर का आयोजन बुधवार को बांदरों वाली पुलिया के समीप किया गया। इसका शुभारंभ  सिरसा के विधायक, पूर्व गृहराज्यमंत्री एवं हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा के अनुज वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने किया। उन्होंने श्रीगुरूगं्रथ साहिब के समक्ष नवाया शीश नवाया और अरदास की। आयोजकों ने  गोबिंद कांडा को तलवार भेंटकर और सिरोपा पहनाकर कर सम्मानित किया।

आयोजकों ने गोबिंद कांडा को तलवार भेंटकर और सिरोपा पहनाकर कर किया सम्मानित
 

वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा अपने सहयोगी इंद्रोश लक्ष्या गुज्जर, हरमंदर सिंह मराड, रतन जमालिया, लक्ष्मण गुज्जर, नरेश सैनी, विजय यादव, विकास तनेजा,  मासूम चौहान आदि के साथ आयोजन स्थल रानियां रोड़ पर बांदरोवाली पुलिया के समीप पहुंचे। उन्होंने श्रीगुरूगं्रथ साहिब के समक्ष शीश नवाकर  अरदास की।  साथ ही उन्होंने लंगर का शुभारंभ किया। श्रद्धालुओं ने आते-जाते राहगीरों को पकोड़े और चाय का लंगर बरताया। गोबिंद कांडा ने भी लंगर सेवा की। उन्होंने इस लंगर सेवा के लिए 50 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग दिया था। 

आयोजकों ने गोबिंद कांडा को तलवार भेंटकर और सिरोपा पहनाकर कर किया सम्मानित

उन्होंने इस अवसर पर कहा कि सिखों के दसवें गुरू गोबिंद सिंह के पुत्रों साहिबज़ादा बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा ज़ोरावर सिंह, व बाबा फतेह सिंह ने  सिख और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपनी कुर्बानी दी पर बर्बर मुगलों के सामने नहीं झुके और न ही धर्म परिवर्तन किया। इस अवसर पर आयोजकों की ओर से गोबिंद कांडा को तलवार भेंटकर और सिरोपा पहनाकर कर सम्मानित किया। 


इस दौरान कांडा कालोनीवासी रविंद्र सिंह, हरजिंद्र सिंह, जीवन सिंह, जीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, अमृतपाल सिंह, मंजीत कौर, कर्मजीत कौर,गोरा सिंह, वीरेंद्र बतरा, मनीष कुमार, रिंकू, निर्मल कांडा,  काबल सिंंह, पवन कुमार, संदीप कुमार और नरेंद्र गांधी आदि मौजूद थे।