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भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवास योजना घोटाले में गांव रंधावा का सरपंच सस्पेंड

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रंधावा

mahendra india news, new delhi

सिरसा जिले के गांव रंधावा (खंड नाथूसरी चौपटा) में डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना में हुई गंभीर अनियमितताओं के मामले में सिरसा के उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत रंधावा के सरपंच सुभाष सिंह निर्बाण को पद से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई हरियाणा पंचायती राज अधिनियम-1994 की धारा 51 के तहत की गई है।

जानकारी के अनुसार मामले की शुरुआत गांव के ही कुछ लोगों की शिकायत से हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि योजना के तहत लाभार्थियों को मिली अनुदान राशि सरपंच द्वारा हड़प ली गई। जांच में सामने आया कि गांव निवासी सीमा कंवर पत्नी सुनील सिंह और धर्मो देवी पत्नी मदन सिंह को मकान मुरम्मत हेतु 80-80 हजार रुपए की अनुदान राशि स्वीकृत हुई थी। दोनों महिलाओं ने अपने बयान में कहा कि यह राशि खाते में आने के अगले ही दिन सरपंच सुभाष सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा ली गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि मिट्टी गिरवाने के बहाने लाभार्थियों से कुल 1 लाख 60 हजार रुपए नकद वसूले गए।

जिला कल्याण अधिकारी सिरसा की कमेटी की जांच रिपोर्ट में बिन्दु संख्या 1 और 12 के तहत आरोपों की प्रथम दृष्टया पुष्टि हुई, जिसके आधार पर उपायुक्त कार्यालय ने 15 जुलाई 2026 को सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा था। जवाब में सरपंच सुभाष सिंह ने 23 जुलाई को खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि यह शिकायत उनके चुनावी विरोधी गुट की साजिश है, जो 2022 के पंचायत चुनाव में हार के बाद बदले की भावना से रची गई। उन्होंने यह भी कहा कि लाभार्थियों ने विभाग को लिखित बयान देकर उन्हें क्लीन चिट दी थी और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से इनकार किया था।

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हालांकि जांच में यह तथ्य भी उभरकर आया कि जिस मकान की मुरम्मत का दावा किया गया, वहां वास्तव में केवल एक ही कमरा मौजूद मिला, जबकि पूरी राशि महज एक दिन के भीतर सरपंच के खाते में स्थानांतरित हो गई थी — जो योजना के दुरुपयोग की आशंका को और मजबूत करता है। शिकायतकर्ताओं ने बाद में आरटीआई के जरिए भी दस्तावेज हासिल कर मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।

अब 25 अगस्त 2026 को उपायुक्त कार्यालय ने सख्ती दिखाते हुए सरपंच सुभाष सिंह निर्बाण को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया है और ग्रामीणों के बीच इसकी चर्चा जोरों पर है। मामले में आगे की जांच अभी जारी बताई जा रही है।

गांव के सरपंच सुभाष सिंह निर्बाण ने कहा कि मेरे पर लगे आरोप निराधार है। इसकी अपील करूंगा। इसके लिए एक महीने का समय है। 

बीडीपीओ डा. स्टालीन सार्थक सचदेवा ने बताया कि अभी में कार्यालय में नहींं हूं। इस संदर्भ में कार्यालय आकर मेल चेक करता हूं।