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चौपटा एरिया के तीन गांवों में दो दर्जन से अधिक पशुओं की मौत, पशुपालकों को आर्थिक तौर पर हुआ नुकसान

बरासरी, रायपुर व रूपावास में पशुओं की हुई मौत 

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चौपटा के तीन गांवों में पिछले दिनों से लगातार पशुओं की बीमारी के चलते मौत हो रही है। इन गांवों में करीबन दो दर्जन से अधिक  पशुओं की मौत हुई है। इससे पशुपालकों को आर्थिक तौर पर काफी नुकसान हुआ है। जिससे पशुपालक चिंता में डाल दिया है। 

 

 

गांव रूपावास के महावीर सिंह की 3 पशु, मोहनलाल के तीन पशु, रामचंद्र ढिल्लो की दो पशु, रायपुर के रामनिवास की तीन पशु, राजवीर सिंह के पांच पशु, बरासरी के सुरेंद्र रोज के 4 पशु व अन्य पशुपालकों के पशु अभी भी बीमारी से जुझ रहे हैं। पशुपालकों ने बताया कि पशुओं के मुंह में छाले होते हैं। इसके बाद खड़ा पशु ही गिरकर मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं की मौत होने से आर्थिक तौर पर काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। 

किसान नेता जगदीश रूपावास ने पुशपालको की चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पशुओं की मौत होने से पशुपालक चिंता में है। जबकि पशुपाालन विभाग समय रहते हुए कोई ध्यान नहीं दे रहा है। 


पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. बीएस बांसल ने कहा कि मुझे बरासरी, रायपुर व रूपावास मेेंं पशुओं की मौत होने के बारे में जानकारी मिली है। जिसको लेकर पशु चिकित्सकों को गांव में भेजा गया है। पशुओं की मौत का कारण अधिक ठंड होना है। इससे पशुओं के निमोनिया हो रहा है। ठंड से बचाने के लिए पशुओं की तरफ पशु पालक विशेष ध्यान दें। पशुओं को गर्म पानी पिलाए। वहीं पशुओं को समय समय पर गुड खिलाए।