राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस हमें हमारे संविधान के एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू की याद दिलाता है
mahendra india news, new delhi
राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस हमें हमारे संविधान के एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू की याद दिलाता है इसमें सभी के लिए न्याय का महत्व दिया गया है उक्त उदगार राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऐलनाबाद मे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस के बारे में संबोधित करते हुए विद्यालय प्राचार्य चरण सिंह व कानूनी साक्षरता के नोडल अधिकारी एवं राजनीतिक विज्ञान प्रवक्ता सुरेश शर्मा ने कहे।
उन्होंने कहा कि भारत में यह दिवस कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के लागू होने का प्रतीक है, जिसके तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना की गई। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को निःशुल्क और सक्षम कानूनी सहायता प्रदान करना है।
संविधान का अनुच्छेद 39 (ए) भी राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देता है कि आर्थिक या किसी अन्य अक्षमता के कारण किसी भी नागरिक को न्याय से वंचित न किया जाए। यह दिवस हमें यह बताता है कि न्याय प्राप्त करने का अधिकार किसी उपहार से कम नहीं, बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
इस दिन, पूरे देश में लोक अदालतें, कानूनी जागरूकता शिविर और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ये प्रयास उन लोगों तक न्याय की पहुंच को आसान बनाते हैं जो अन्यथा कानूनी प्रक्रियाओं का खर्च वहन नहीं कर सकते। इसलिए
हम सबका दायित्व बनता है कि मिलकर इस भावना को आगे बढ़ाएं और कानूनी साक्षरता फैलाकर एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान दें, जहाँ हर व्यक्ति को समानता और गरिमा के साथ न्याय मिल सके।
