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नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दूसरे दिन भी की दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक, चेतावनी

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Nursing Officers Welfare Association stages two-hour 'pen-down' strike for the second consecutive day; issues warning

mahendra india news, new delhi

 नर्सिंग आॅफिसर वेलफेयर एसोसिएशन, हरियाणा के आह्वान पर नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दूसरे दिन भी 2 घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक की, जिसमें इमरजेंसी सेवाएं चालू रही। इस मौके पर एसोसिएशन के जिला प्रधान राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि मंगलवार को एसकेएस सिरसा से ब्लॉक प्रधान ललित सोलंकी, नगर पालिका विभाग से मनोज अठवाल, ब्लॉक सचिव रमेश वर्मा ने भी संघर्ष को समर्थन दिया। इस मौके पर नर्सिंग वेल्फेयर एसोसिएशन के सचिव अमित व कैशियर मुकेश, तालमेल कमेटी से विजय धींगड़ा व नसीब सिंह भी उपस्थित थे।


ये है कर्मचारियों के प्रमुख मुद्दे:
राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि जिन नर्सिंग आॅफिसर को 5 साल से ऊपर हो गए हैं, उन्हें अपना जिला छोड़ना पड़ेगा और दूसरे जिले में ट्रांसफर होगा। हमारे कैडर में 98 प्रतिशत महिलाएं हैं। हमारी मॉर्निंग, इवनिंग, नाइट तीनों शिफ्ट हैं। इवनिंग ड्यूटी 8 बजे खत्म होती है, कई बार हैंडओवर में 8:30-9 बज जाते हैं। नाइट ड्यूटी 8 बजे शुरू होती है। दूसरे शहर में आने-जाने में बहुत दिक्कत होगी, हम उस एरिया से अवगत नहीं हैं।


सुप्रीम कोर्ट की नैशनल टास्क फोर्स गाइडलाइन, जिसमें वर्कप्लेस पर महिलाओं की सुरक्षा का प्रावधान है, वो अभी लागू नहीं की गई है। सीएचसी/पीएचसी पर आज भी हमारी फीमेल नर्सिंग आॅफिसर अकेली ड्यूटी करती हैं, कोई सिक्योरिटी नहीं है। वो सिर्फ इसलिए कर पा रही है, क्योंकि वो लोकल हैं। नर्सिंग कैडर पर आॅनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू न की जाए। इसके अलावा मेवात/पलवल में कार्यरत स्टाफ को मेवात भत्ता दिया जाए, जैसे नल्हड़ मेडिकल कॉलेज और हरियाणा के डॉक्टरों को दिया जा रहा है। और नई भर्ती आने पर वहां के पुराने स्टाफ को रिप्लेस करके होम डिस्ट्रिक्ट दिया जाए।  हमारा वर्दी भत्ता डेढ़ साल से नहीं मिल रहा, काट लिया गया है।

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डीजीएचएस को बार-बार पत्र देने के बाद भी नहीं आया। एसीएस हैल्थ और स्वास्थ्य मंत्री से मिलने का समय नहीं दिलवाया जा रहा। डीजीएचएस से बार-बार मांग के बाद भी समय नहीं दिया गया। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गई और सरकार ने बातचीत के लिए नहीं बुलाया, तो हमें ठोस कदम उठाना पड़ेगा, जिसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल, नाइट ड्यूटी का बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता।