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त्रिवेणी युवा महोत्सव–2025 के तीसरे दिन चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में झूमे युवा कलाकार

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On the third day of Triveni Yuva Mahotsav-2025, young artists danced at Chaudhary Devi Lal University
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में चल रहे 12वें त्रिवेणी युवा महोत्सव–2025 के तीसरे दिन बुधवार को संगीत, नृत्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की थीम के रंग गहराते नज़र आए। दिनभर चले कार्यक्रमों में चारों मंचों पर प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

मुख्य मंच (Stage-I – मुख्य सभागार) पर हरियाणवी ग्रुप डांस, कव्वाली, हरियाणवी सोलो डांस (पुरुष) की प्रस्तुतियों ने माहौल को रोमांचक बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस मंच से ग्रामीण पृष्ठभूमि, वेशभूषा, खानपान और युवा जीवन में अनुशाशन के महत्त्व जैसे विषयों को कलाकारों ने नृत्य के रूप में दिखाया।

द्वितीय मंच (Stage-II – ऑडिटोरियम) पर वेस्टर्न ग्रुप सांग और लाइट वोकल भजन/शबद, लाइट वोकल ग़ज़ल, वेस्टर्न वोकल सोलो जैसी बौद्धिक प्रतियोगिताओं ने युवाओं की तार्किक क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल को उजागर किया।

तृतीय मंच (Stage-III – सी.वी. रमन भवन) पर अंग्रेज़ी बहस (Debate), हिन्दी वाद-विवाद तथा क्विज़ प्री जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विषयों पर अपने विचारों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।

चतुर्थ मंच (Stage -IV - यूआईटीडीसी बिल्डिंग) पर पोस्टर मेकिंग, कोलाज और पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) की प्रतियोगिता आयोजित हुई।

युवा कल्याण निदेशक डॉ मंजू नेहरा ने बताया कि तीसरे दिन के सभी मंचों पर दर्शकों की भारी भीड़ रही और प्रत्येक प्रस्तुति पर तालियों की गूंज ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया।

बॉक्स आइटम-1  

स्टेज वन पर निम्नलिखित गीतों के माध्यम  से प्रतिभागियो द्वारा प्रस्तुतिया दी गई
1. मेरे पाछै-पाछै हो लिया,
2. मनै याद पिया की आवै सै,
3. मेरी मुड़गी नरम कलाई

बॉक्स आइटम -2

स्टेज टू पर गजल गायन प्रतियोगिता में
1. चाँद से फूल से यह मेरी जुबान से सुनिए, हर तरफ आपका का किस्सा है जहाँ से सुनिए।
2. दीवारों दर से उतर कर परछाइयाँ बोलती है , कोई नहीं बोलता जब तन्हाईयाँ बोलती है।
3. माँगा था जिसे हमने दिन रात दुवाओं में खुशबू की तरह आया वो तेज हवाओ में नामक गजल ने माहौल को चार चाँद लगा दिए

शब्द व भजन गायन प्रतियोगिता में
1. मन लागो मेरा यार फ़कीरो में - मीरा बाई
2. जो मैं ऐसा जानती प्रीत करे दुख होए - मीरा बाई
3. वाहेगुरु जप मन मेरे गुरु वापी