आईटीआर भरने में सिर्फ 6 दिन बाकी, 31 जुलाई की डेडलाइन चूके तो होंगे यह 5 बड़े नुकसान
mahendra india news, new delhi
आईटीआर (इनकम टैक्स रिटर्न) फाइल करने की अंतिम तिथि बहुत ही नजदीक है। इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले सभी टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटन दाखिल करना अनिवार्य है। आमतौर पर जिन टैक्सपेयर्स को अपने बैंक खातों का ऑडिट नहीं कराना होता है या जो वेतनभोगी हैं, उनके लिए वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। यानी आईटीआर फाइल करने के लिए अब सिर्फ 6 दिन ही बचे हैं।
आपको बता दें कि अगर आप 31 जुलाई की इस समयसीमा को चूक जाते हैं, तो आपके पास बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने का विकल्प रहता है। लेकिन इसमें देरी करने पर आपको जुर्माना, अतिरिक्त ब्याज और कई टैक्स फायदा गंवाने पड़ सकते हैं।
बिलेटेड रिटर्न की अंतिम तिथि
बता दें कि आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(4) के तहत, जो टैक्सपेयर्स नियत तारीख तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते, वह 31 दिसंबर 2026 तक या असेसमेंट प्रक्रिया पूरी होने से पहले अपना बिलेटेड रिटर्न जमा कर सकते हैं।
आखिरी तारीख निकल जाए तो.....
हैं:
1. धारा 234F के तहत समयसीमा खत्म होने के बाद बिलेटेड रिटर्न भरने पर 5000 रुपये तक की लेट फीस देनी होगी। हालांकि, अगर कुल वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है, तो जुर्माना 1000 रुपये होगा।
2.अगर आपका अधिक TDS कटा है, तो उसका रिफंड पाने के लिए ITR दाखिल करना जरूरी है। देर से फाइल करने पर रिफंड मिलने में देरी होती है और ब्याज का नुकसान भी हो सकता है।
3.अगर आप 31 दिसंबर 2026 की बिलेटेड रिटर्न डेडलाइन भी मिस कर देते हैं, तो आपको ITR-U भरना पड़ेगा। इसमें अतिरिक्त टैक्स, ब्याज और जुर्माना लगता है और इसका उपयोग रिफंड क्लेम करने या टैक्स देनदारी कम करने के लिए नहीं किया जा सकता।
4. देर से रिटर्न फाइल करने पर बकाया टैक्स राशि पर धारा 234A के तहत 1% प्रति माह की दर से ब्याज लगेगा।
