आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर सीडीएलयू में रैली और नुक्कड़ नाटक
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के मनोविज्ञान विभाग द्वारा विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजू बाला की अध्यक्षता में आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एम.ए. मनोविज्ञान के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पोस्टर निर्माण, स्लोगन लेखन, जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं आत्महत्या रोकथाम का प्रभावशाली संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं आत्महत्या रोकथाम से संबंधित आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टर तैयार किए तथा जागरूकता स्लोगन प्रस्तुत किए। इसके पश्चात विश्वविद्यालय परिसर में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में विद्यार्थियों ने विभिन्न नारों के माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, तनाव एवं भावनात्मक परेशानियों से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सहायता एवं परामर्श लेने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने यह भी आह्वान किया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से मानसिक तनाव, भावनात्मक संघर्ष, सामाजिक एवं पारिवारिक दबाव और आत्महत्या जैसे गंभीर विषयों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजू बाला ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज के समय की एक महत्वपूर्ण सामाजिक आवश्यकता है और युवाओं को इस विषय के प्रति संवेदनशील एवं जागरूक बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या रोकथाम केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे समाज को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जहां मानसिक तनाव से गुजर रहा व्यक्ति बिना किसी संकोच के अपनी बात कह सके और समय पर सहायता प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा रैली, पोस्टर और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया गया संदेश समाज में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता विकसित करने में सहायक होगा।कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के शिक्षकगण समृद्धि कंबोज, मीनू, अंजलि, परविंदर एवं केतव तथा विभाग के अन्य सदस्य सावित्री एवं अजय उपस्थित रहे।
