भक्ति सेवा और ब्रह्मज्ञान से ओत-प्रोत रहा संत निरंकारी महिला समागम, जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है: बहन नीलम
Sant Nirankari Women's Congregation: A gathering imbued with devotional service and divine wisdom; "Where women are revered, deities reside"—Sister Neelam
mahendra india news, new delhi
ऐलनाबाद। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं पूज्य निरंकारी राजापिता रमित के पावन आशीर्वाद से रविवार को स्थानीय संत निरंकारी सत्संग भवन ऐलनाबाद में निरंकारी मंडल के टोहाना जॉन का संत निरंकारी महिला समागम अत्यंत भक्तिमय एवं भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सन्त निरंकारी मिशन जिला सिरसा के प्रैस सहायक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस पावन समागम में टोहाना जॉन के अंतर्गत जिला सिरसा की सभी 18 शाखाओं से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बहनों एवं अन्य श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सहभागिता की। समागम की अध्यक्षता हरियाणा के शाहाबाद मारकंडा से पधारी संत निरंकारी मिशन की कर्मयोगिनी बहन नीलम ने की।
उन्होंने सतगुरु माता जी का पावन संदेश प्रदान करते हुए कहा कि एक महिला की ग्रहस्थी में बड़ी जिम्मेदारी होती है। उसका दर्जा बरकरार तब है, जब वह सहनशील भक्ति भाव और सेवा भाव में रहती है। सहनशीलता, नम्रता, दया भाव जितने गुण एक स्त्री में होंगे उतना उतना वह घर सुखी होगा। गुरु की सिखलाई को कभी ना भूले जहां नारी की पूजा होती है वहां देवताओं का वास होता है। भक्ति घर से शुरू होती है। असली गुडविल पैसे से नहीं संस्कारों से होती है। अन्य वक्ता बहनों ने अपने विचारों व गीतों में प्रकट किया कि 'ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति से जीवन में सहजता आती है'। 'ब्रह्मज्ञानी वह है जिसके कर्म बोलते हैं '
'खुद का कॉन्फिडेंस गिर जाता है, लेकिन जब इस परमात्मा का कॉन्फिडेंस सदा साथ रहता है ,'जब भक्ति से विश्वास परमात्मा पर होगा तो हम टूटेंगे नहीं, सबके भले में ही अपना भला है, भला मांगना एक सुंदर कला है। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के संत महात्माओं प्रतिनिधियों एवं अन्य गणमान्य नागरिकों ने अपनी गरिमापूर्ण उपस्थिति दर्ज करवाई। संत निरंकारी मंडल के सेवादल की बहनों एवं महात्माओं ने अपनी श्रद्धा पूर्वक सेवाएं प्रदान की और सतगुरु के आशीर्वाद प्राप्त किए।
