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बिजली बिल-2025 और अमेरिकी ट्रैड डील का कृषि पर पड़ने वाले प्रभाव विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित

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Seminar held on the impact of the Electricity Bill-2025 and the US trade deal on agriculture

mahendra india news, new delhi
लोक चेतना कला व साहित्य मंच, सिरसा तत्वाधान में बिजली बिल 2025और अमेरिकी ट्रैड डील का कृषि पर पड़ने वाले प्रभाव विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन स्थानीय युवक साहित्य सदन के सभागार हाल में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जाने माने वामपंथी विचारक कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क ने की।

बिजली बिल पर बोलते हुए पावर कापोर्रेशन वर्कर यूनियन के राष्ट्रीय चैयरमेन देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि बिजली मनुष्य के लिए आज रीढ़ का काम कर रही है। सरकार इस रीढ़ को तोड़ना चाहती है। उन्होंने ने कहा कि बिजली क्षेत्र सुधारों के दौर से गुजर रहा है और हरियाणा कि बिजली क्षेत्र इन सुधार प्रक्रियाओं के सीधे निशाने हैं।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद शहरों और गांवों में बिजली पहुंचाने का काम केन्द्रीय बिजली प्राधिकरण के तहत किया गया था, उस समय बिजली को लाभ कमाने का साधन नहीं माना जाता था। हुड्डा ने कहा कि 2014 के बाद भाजपा के सत्ता में आने के बाद बिजली क्षेत्र को बर्बाद करने में कोई कमी नहीं छोड़ी, भाजपा पिछले 12 साल से बिजली संशोधन विधेयक लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि समार्ट मीटर परियोजना कारपोरेट्स का घर भरने आम आदमी की बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित करना है। जनता को इस परियोजना का हर स्तर पर विरोध करना होगा। इस मौके पर बोलते हुए कामरेड इंद्रजीत सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिकी ट्रेड डील असल में डील नहीं यह एक तरफा थोपी हुई डील है, जो पूरी तरह से अमेरिकी हितों की रक्षा करती है।

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कामरेड ने कहा कि आज पूरी दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है, जिस कारण उनके बीच अलग-अलग तरह की टकराहट भी हैं। अमेरिकी दादागिरी का दुनिया में विरोध हो रहा है और ईरान युद्ध के बाद अमेरिकी मनॉपली पूरी तरह से टूट चुकी है,परन्तु भारत सरकार फिर भी अमेरिका के आगे घटने टेक रही है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के बाद भारतीय खेती पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा, क्योंकि खेती से सब्सिडी पूरी तरह से समाप्त की जाएगी। जन राशन वितरण प्रणाली समाप्त की जाएगी। कामरेड ने कहा कि समाज के सभी तबकों को सरकार की इन जन विरोधी नीतियों के खिलाफ एक जुड़ होकर लड़ना होगा।

इस मौके पर कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क ने अपनी अध्यक्षीय टिप्पणी में बताया कि इन नीतियों के प्रभाव को ठीक से समझे बिना इसके खिलाफ लड़ा भी नहीं जा सकता। इस कार्यक्रम में सोहन सिंह रंधावा ने सभी का स्वागत किया और कामरेड राजकुमार शेखुपुरिया ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह की चर्चाओं को आम आदमी तक लेकर जाना होगा। इस कार्यक्रम का मंच संचालन रमेश सेनी ने किया। इस मौके पर अविनाश कंबोज, निर्मल सिंह फौजी, कामरेड सुरजीत सिंह, तिलक विनायक, रवि कुमार, महेंद्र शर्मा, बाबू लाल बप्पां, मास्टर वीर सिंह, बिकर जीत सिंह, किशोरी लाल मेहता, वीरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, हरजिंद्र भंगू, मास्टर भगवानदास, गुरादता, राजेंद्र सिंह, इकबाल सिंह सरपंच आदि उपस्थित रहे।