home page

नशा मुक्त युवा- विकसित भारत अभियान’ के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

 | 
Special awareness program organized under the ‘Drug-Free Youth – Developed India Campaign

mahendra india news, new delhi
 चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, CDLU सिरसा के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘नशा मुक्त युवा- विकसित भारत अभियान’ के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के दिशा-निर्देशन तथा यूएसजीएस के डीन प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए नशामुक्त समाज का निर्माण केवल एक सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को शिक्षा, शोध, नवाचार, खेल एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं तथा स्वयं नशे से दूर रहते हुए अपने साथियों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।

प्रो. विजय कुमार ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश का युवा स्वस्थ, अनुशासित, संस्कारवान और सकारात्मक सोच वाला हो। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास एवं आत्मबल विकसित करने तथा जीवन में सकारात्मक लक्ष्यों को निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

यूएसजीएस के डीन प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है और देश का भविष्य युवाओं के मजबूत चरित्र एवं स्वस्थ मानसिकता पर निर्भर करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। ‘माई भारत अभियान’ के नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए युवाओं का नशामुक्त और ऊर्जावान होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण से जुड़े अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्माकुमारी प्रिया और सिमरजीत ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए बताया कि नशा किस प्रकार शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का स्वस्थ और नशामुक्त होना अनिवार्य है। आंतरिक आत्मबल, सकारात्मक सोच और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से युवा व्यसन से दूर रहकर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकते हैं। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को जीवनभर नशा न करने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने में योगदान देने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. चनप्रीत कौर ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, विश्वविद्यालय प्रशासन एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. मनोज, बी.के. राम निवास, बी.के. विजय चुघ सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।