home page

राजकीय नैशनल महाविद्यालय सिरसा में बतौर पंजाबी शिक्षक कार्यरत रहे डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा सीनेट सदस्य निर्वाचित

 | 
Sukhdev Singh, who served as a Punjabi teacher at Government National College, Sirsa, has been elected as a member of the Sirsa Senate

mahendra india news, new delhi
अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) के राष्ट्रीय महासचिव व लगभग बीस वर्षों तक राजकीय नैशनल महाविद्यालय (जीएनसी), सिरसा में बतौर पंजाबी शिक्षक कार्यरत रहे डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा के पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के सर्वोच्च निर्णायक सदन 'सीनेट' के सदस्य निर्वाचित होने पर सिरसा समेत हरियाणा की विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं एवं गणमान्य प्रबुद्धजन ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें मुबारक़बाद दी है।

प्रलेस के राष्ट्रीय अध्यक्षमंडल के सदस्य कॉमरेड स्वर्ण सिंह विर्क, राष्ट्रीय सचिवमंडल के सदस्य व प्रलेस हरियाणा के महासचिव डॉ. हरविंदर सिंह सिरसा, प्रलेस हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर दास, प्रलेस सिरसा के अध्यक्ष डॉ. गुरप्रीत सिंह सिंधरा, सचिव डॉ. शेर चंद, पंजाबी लेखक सभा, सिरसा के अध्यक्ष परमानंद शास्त्री, सचिव सुरजीत सिरड़ी व वित्त सचिव अनीश कुमार के अलावा कॉमरेड जसवंत सिंह जोश, कॉमरेड लक्ष्मण सिंह शेखावत, रमेश मेहता एडवोकेट, प्रो. हरभगवान चावला, डॉ. बूटा सिंह विर्क, हरजिंदर सिंह भंगू, सुखदेव सिंह वड़ैच, प्रो. हरजिंदर सिंह, डॉ. जसबीर सिंह डिंग, कॉमरेड तिलक राज विनायक,

सुरेश मेहता एडवोकेट, गुरतेज सिंह बराड़, कुलदीप सिंह गदराना, सुभाष जोधपुरिया, जसपाल सिंह रियाड़, प्रीतम सिंह, रमेश शास्त्री, महल सिंह संधु, अशोक कुमार, रघुवीर सिंगला, गुरजीत सिंह मान, भुपिंदर पन्नीवालिया, प्रभु दयाल, सुरिंदरपाल सिंह साथी, प्रो. दिलराज सिंह, संजीव शाद, जतिंदर शर्मा, रिछपाल सिंह संधु, सरबजीत सिंह सिद्धू, फूल सिंह लुहानी, प्रो अमर चंद कंबोज, अरवेल सिंह विर्क, हरभजन सिंह बेदी, दविंदर सिंह, सुशील कुमार, कुलवंत सिंह, नवनीत रेणू, बूटा सिंह, सतनाम सिंह, मुलख सिंह पिपली, अजायब जलालआना, सुरेश बरनवाल, कृष्णा फौगाट, डॉ. हरविंदर कौर, सिमरन, मुस्कान, ईशनजोत इत्यादि ने डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा की इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि वर्तमान परिवेश में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के लोकतान्त्रिक स्वरूप को बचाए रखने हेतु ऐसे समर्पित शिक्षाविदों और प्रतिबद्ध जन-बुद्धिजीवियों का सीनेट का हिस्सा बनना लाज़िम है।

WhatsApp Group Join Now

पंजाब विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग से सेवानिवृत्त अंतरराष्ट्रीय ख्यातिनाम मार्क्सवादी चिंतक डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा पंजाबी लेखकों की अंतरराष्ट्रीय संस्था पंजाबी साहित अकाडमी, लुधियाना के अध्यक्ष और केंदरी पंजाबी लेखक सभा (रजि.) के महासचिव के तौर पर भी अपनी सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक चार वर्ष उपरांत चुने जाने वाली और विश्वविद्यालय की संसद कही जाने वाली इस संस्था का अक्तूबर 2024 में कार्यकाल खत्म होने उपरान्त केंद्र सरकार द्वारा इन चुनावों पर रोक लगाते हुए इसके स्वरूप को ही बदल दिया गया था।

एक सशक्त और जुझारू संघर्ष उपरान्त इस संस्था के बुनियादी स्वरूप को फिर से बहाल करवाया गया है और अब छः वर्षों उपरान्त इसके चुनाव संपन्न हुए हैं। पंजाब समेत सात राज्यों तक विस्तृत इसके रजिस्टर्ड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में से चुने जाने वाले पंद्रह सीनेट सदस्यों में जीत दर्ज़ करवाना अपने आप में गर्व का विषय है। इस निर्वाचन क्षेत्र के 20 सितंबर को संपन्न हुए चुनावों में सिरसा जिला के 389 मतदाताओं ने भी अपना मतदान किया है। इन संस्थाओं के पदाधिकारियों ने डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा की जीत को सुनिश्चित बनाने में प्रत्येक सहयोग प्रदाता के प्रति आभार व्यक्त किया है।