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SIRSA JCD विद्यापीठ में शिक्षकों को किया सम्मानित, शिक्षक के रूप में अपने रोल मॉडल को देखता है शिष्य: डॉ. जय प्रकाश

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Teachers were honored in SIRSA JCD Vidyapeeth, students see teachers as their role model: Dr. Jai Prakash
 Mahendra india news, new delhi

 जननायक चौदेवीलाल विद्यापीठसिरसा में  शिक्षक दिवस के उपलक्ष में 'गुरुर्ब्रह्मा शिक्षक दिवस 'बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया गया और शिक्षकों को सम्मानित किया गया  इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यापीठ के महानिदेशक प्रोफेसर डॉ.जयप्रकाश ने शिरकत की।

इस अवसर जेसीडी विद्यापीठ के कुल सचिव डॉक्टर सुधांशु गुप्ता , फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य  इस कार्यक्रम के संयोजक डॉमोहित कुमार,  डॉअरिंदम सरकारडॉवीरेंद्र सिंहकॉर्डिनेटर डॉ.अमरीक गिलआईबीएम इंचार्ज डॉ.रणदीप कौर सभी अध्यापकगण भी उपस्थित थे।

 

इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चरणों में द्वीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। 

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉजयप्रकाश ने सभी शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां देते हुए कहा कि गुरु शिष्य का रिश्ता प्राचीनकाल से चलते रहा है और आज भी यह कायम है।

 उन्होंने शिक्षक दिवस की महत्ता एवं गुरु शिष्य के रिश्तों का व्याख्यान किया और कहा कि हमारे देश में गुरु का स्थान माता-पिता से भी ऊपर है। शिक्षक स्वयं जलता हैलेकिन छात्रों की ज़िन्दगी में ज्ञान का दीपक जलाता है। डॉ.जय प्रकाश ने कहा कि एक शिक्षक और शिष्य के बीच में शिक्षा और ज्ञान का संबंध होता है।

 हमारे जीवन में शिक्षा और शिक्षक दोनों ही बहुत ज़रूरी हैंक्योंकि हमारी जिंदगी को संवारने में हमारे माता-पिता के बाद इनकी भूमिका सबसे अहम होती है। जिस तरह से हमारे माता-पिता ही हमारे भगवान होते हैंउसी प्रकार से हमारे गुरु में भी ईश्वर का वास होता है क्योंकि “गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः गुरुर साक्षात परब्रह्म:, तस्मै श्री गुरुवे नमः ये भी सच है कि बिना शिक्षक के हमें शिक्षा और ज्ञान नहीं मिल सकता। कहते हैं कि समय से बड़ा गुरु कोई नहीं होताक्योंकि देर से ही सही मगर समय हमें सब कुछ सीखा देता है। लेकिन मैं मानता हूं कि हम सीखने में देर ही क्यों करेंक्यों  समय रहते ही हम अपने गुरु या शिक्षक से शिष्य के रूप में पहले से ही वो सीख या ज्ञान प्राप्त क्यों  कर लेंजिससे बाद में होने वाली परेशानी से बचा जा सके। क्योंकि वो एक शिक्षक ही होता हैजो हमें सीखता है कि मुश्किल चीजों का सामना कैसे करना है।

शिक्षक दिवस के अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के विभिन्न  कॉलेज के विद्यार्थियों के द्वारा भांगड़ा एवं हरियाणवी डांस प्रस्तुत किए गए  

 

 इस अवसर पर सभी शिक्षकों को मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथिगण द्वारा प्रशस्तिपत्र देकर भी सम्मानित किया गया तथा शिक्षकों के लिए जलपान की भी विशेष व्यवस्था की गई 

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉमोहित कुमार ने आए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।