कृषि विभाग SIRSA की टीमों ने ग्रामीणों को किया पराली प्रबंधन को लेकर जागरूक
Teams of Agriculture Department SIRSA made villagers aware about stubble management
Mahendra india news, new delhi
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिला में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। विभागीय टीमें किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण, भूमि और स्वास्थ्य पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दे रही है तथा इसके विकल्प अपनाने की अपील भी कर रही है। मंगलवार को टीमों ने गांव जीवन नगर, करीवाला, कुमथल, मल्लेकां, हुमायुखेड़ा, आसाखेड़ा, राम नगरिया, चामल, पोहडक़ां, भूर्टवाला, मिर्जापुर आदि में किसानों से संवाद किया।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है, सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं और आने वाले वर्षों में पैदावार पर सीधा असर पड़ता है। साथ ही धुआं और जहरीली गैसों के कारण वायु गुणवत्ता बिगड़ती है, जिससे खांसी, दमा और एलर्जी जैसी बीमारियां बढ़ जाती हैं और धुंध व स्मॉग के चलते सडक़ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर और रोटावेटर जैसी मशीनें सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है, जिनकी मदद से पराली को खेत में मिलाकर जैविक खाद बनाया जा सकता है। इसके अलावा पराली का उपयोग बायोएनर्जी और पशु चारे के रूप में करने को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के तहत 1200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान भी दिया जा रहा है।
