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दानवीरता में अग्रणी है अग्रवाल समाज, समाजवाद के प्रणेता थे महाराजा अग्रसेन : संजय गोयल साहुवाला

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महाराजा अग्रसेन ने समाज में समानता, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए ‘एक ईंट, एक रुपया’ का सिद्धांत दिया था। इस सिद्धांत के तहत नगर में आने वाले प्रत्येक नए परिवार को वहां रहने वाला हर परिवार एक ईंट और एक रुपया देता था। ईंटों से नए परिवार के घर का निर्माण होता था, जबकि रुपयों से वह अपना व्यापार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकता था। इसी दूरदर्शी सोच के चलते महाराजा अग्रसेन को समाजवाद का प्रणेता माना जाता है। वे सच्चे समाजसेवी होने के साथ-साथ जातिवाद और हिंसा के विरोधी भी थे।

                 

यह बात अग्रवाल सभा के प्रधान संजय गोयल साहुवाला ने महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर महाराजा अग्रसेन कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन के आदर्श आज भी समाज को समानता, आपसी सहयोग और जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा देते हैं। यही कारण है कि सभी वर्गों के लोग महाराजा अग्रसेन जयंती को एकजुट होकर हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। संजय गोयल साहुवाला ने कहा कि अग्रवाल समाज अपनी दानवीरता, सेवा भावना और सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता है। समाज के लोगों ने अस्पतालों, धर्मशालाओं, मंदिरों और अन्य जनकल्याणकारी संस्थानों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जरूरतमंदों की सहायता करना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना अग्रवाल समाज की परंपरा रही है।

                 

महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में युवा अग्रवाल सभा की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर का शुभारंभ संजय गोयल साहुवाला और अग्रवाल सभा के सदस्यों ने किया। युवा अग्रवाल सभा के प्रधान सन्नी बांसल ने बताया कि शिविर में अब तक 100 यूनिट रक्त एकत्रित किया जा चुका है। इस अवसर पर रक्तदाताओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना भी की गई।

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कार्यक्रम में अग्रवाल सभा के महासचिव अश्वनी बांसल, कोषाध्यक्ष अजय जैन, संरक्षक अनिल सर्राफ, शिव जैन, नवदीश गर्ग, सुशील कंदोई, प्रवीण महीपाल, नरेश जिंदल, महेश सिंगला, अनीश गोयल, महिला प्रधान टीना बंसल, विंसी बांसल, संगोली सिंगला, कांता गर्ग, सुनील सिंगला, अतुल सिंगला, कुलदीप गर्ग, बंटी गर्ग, दीपक गुप्ता, राजेश मित्तल, पवन साहुवाला, अंजनी कनोडिया, वेद भूषण गर्ग, सतीश बंसल, सूरजभान, अशोक गोयल एडवोकेट, हेमंत गोयल, सतीश हिसारिया, गोपाल सर्राफ, भीम सिंगला, प्रशांत सर्राफ, अंकित कनोडिया, अग्रवाल सेवा सदन के सचिव सुरेश सतनाली वाला, विजय बंसल, मक्खन लाल गोयल, राजकुमार गोयल, सुशील गर्ग, विनोद बांसल, नरेंद्र बांसल, आकाश चाचान, पंकज सर्राफ, महेश बांसल, अशोक गुप्ता, पवन सिंगला, पुरुषोत्तम गोयल, गोबिंद कंदोई, अजय जिंदल, रामगोपाल सिंगला, प्रदीप गर्ग, गोपाल कागजी, सुभाष गोयल, सत्यप्रकाश, विशाल गुप्ता, संजीव गोयल एडवोकेट, दीपेश कांडा, राजकुमार रानियां वाले, महेंद्र बनीवाला और चिराग मित्तल सहित अग्रवाल सभा एवं युवा अग्रवाल सभा के अनेक पदाधिकारी, सदस्य और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।