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किसान विरोधी फैसलों को लेकर बीकेई ने रोड़ी अनाज मंडी में फूंका सरकार का पुतला

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The BKE burned an effigy of the government at the Rodi grain market over anti-farmer decisions

mahendra india news, new delhi
हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 'भारतीय किसान एकता' (बीकेई) द्वारा रोड़ी अनाज मंडी में हरियाणा सरकार का पुतला फूंका गया। रोड़ी मंडी में यह प्रदर्शन बीकेई नेता गुरप्रीत सिंह जैलदार की अध्यक्षता में किसानों और मजदूरों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। प्रदर्शन की जानकारी देते हुए बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि राज्य भर की अनाज मंडियों में धान खरीद में हो रही देरी, जिलेवार लगाई गई खरीद लिमिट (कैपिंग), फसल पंजीकरण और वेरिफिकेशन की जटिल प्रक्रियाओं से किसान बुरी तरह परेशान हैं। सरकार के इन्हीं किसान विरोधी फरमानों के खिलाफ आज पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कर पुतले दहन किए गए हैं।

 

किसानों की प्रमुख मांगें और मुद्दे:
उन्होंने बताया कि किसानों की मांग है कि फसल कटाई के लिए कंबाइन का समय तय करने और जिलेवार धान खरीद पर लगाई गई लिमिट/कैप को तुरंत रद्द किया जाए। 21 से 27 सितंबर तक खोले गए पोर्टल पर जिन किसानों ने आवेदन किए हैं, उनका पंजीकरण और वेरिफिकेशन तुरंत प्रभाव से पूरा किया जाए, ताकि वे अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेच सकें। रोड़ी मंडी में 27 सितंबर से किसान भूपेंद्र सिंह (8 एकड़), जरनैल सिंह (14 एकड़), जंटा सिंह (11 एकड़) और सेवा सिंह (5 एकड़) सहित लगभग 2300 क्विंटल धान पड़ी है। 12 प्रतिशत से 15 प्रतिशत नमी होने के बावजूद अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है, जिससे फसलों के चोरी होने का खतरा बना हुआ है (किसान भूपेंद्र सिंह की धान चोरी भी हो चुकी है)।

औलख ने डीएमई राहुल कुंडू से फोन पर बात कर मंडियों की स्थिति से अवगत कराया। डीएमई ने आश्वासन दिया कि राइस मिलरों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सोमवार से खरीद शुरू कर दी जाएगी। औलख ने मांग रखी कि सभी मंडियों व फोकल पॉइंटों पर फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर फसल खरीद खर्च व मजदूरी अंकित हो, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

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आंदोलन की दी चेतावनी:
लखविंदर सिंह औलख और गुरप्रीत सिंह जैलदार ने चेतावनी देते हुए कि यदि सरकार ने ये किसान विरोधी फैसले और शर्तें तुरंत वापस नहीं लीं तो किसान व मजदूर सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। इस मौके पर गुरविंदर सिंह, मुख्तियार सिंह, कुलवंत सिंह, मेजर सिंह, इकबाल सिंह, दिलप्रीत सिंह, भोला सिंह, कुलदीप चौधरी, दलजीत चहल, गुलाब सिंह, काला सिंह, राजू, करण, जगतार और विक्रम सहित बड़ी संख्या में किसान व मजदूर मौजूद रहे।