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सिरसा क्लब के चुनावों को निरस्त करवाने के लिए पदाधिकारी सदस्यों ने खोला मोर्चा

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 सिरसा क्लब के चुनावों को निरस्त

mahendra india news, new delhi
सिरसा। सिरसा क्लब के करवाए जा रहे चुनावों को असंवैधानिक तरीके से करवाने के विरोध में क्लब के ही कुछ पदाधिकारी सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है। इतना ही नहीं चुनावों को रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की जा चुकी है, जिसकी सुनवाई 27 नवंबर को होगी। शनिवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए क्लब के वरिष्ठ उपप्रधान सुरेश शर्मा, सहायक सचिव राजन बावा व उपप्रधान इशु बांसल ने बताया कि सिरसा क्लब के वर्तमान में 950 के करीब सदस्य हंै।

 

उन्होंने बताया कि क्लब के सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए एक प्रपोजल बनाकर जीबीएम (जनरल बॉडी मीटिंग) में रखा गया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई विचार नहीं किया गया। ठीक इसके विपरीत क्लब के सचिव राजेश लाला ने अपनी मनमानी करते हुए 87 नए सदस्य बना डाले। यही नहीं नए बनाए गए सदस्यों बाबत उनसे बातचीत की गई तो उन्होंने कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दिया। इतना ही नहीं सचिव राजेश लाला ने बिना हाऊस की मीटिंग बुलाए अपने स्तर पर ही चुनाव निर्धारित कर दिए और चुनाव अधिकारी भी नियुक्त कर दिया। हैरानी की बात तो ये है कि पोर्टल पर अभी तक पुराने सदस्यों का ही रिकॉर्ड उपलब्ध है, जबकि नए सदस्यों के बारे में किसी को कोई जानकारी ही नहीं है।

 

इसके बाद वे सिरसा क्लब के अध्यक्ष उपायुक्त के पास इस मसले को लेकर गए। उपायुक्त ने रजिस्ट्रार को इस संबंध में कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन रजिस्ट्रार ने भी कोई सुनवाई नहीं की। एक बार नहीं, वे बार दफा इस मसले को लेकर जिला उपायुक्त के पास गए, लेकिन कोई भी संतुष्टिजनक जवाब नहीं मिला। जब रजिस्ट्रार गौरव शर्मा, जोकि चंडीगढ़ में बैठते हैं, से इस संबंध में बात की तो उन्होंने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि उनके पास तीन जिलों का चार्ज है। उन्होंने अपना एक कर्मचारी बातचीत के लिए सिरसा भेजा, लेकिन समस्या जस की तस रही।

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पदाधिकारियों ने बताया कि जब पानी सिर से उपर निकल गया तो उन्हें सिवाय कोर्ट के कुछ और नजर नहीं आया। थक हारकर उन्होंने संवैधानिक तरीके से अपनी लड़ाई लडऩे के लिए कोर्ट में याचिका दायर की, जिसकी सुनवाई आगामी 27 नवंबर को होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के चुनाव का क्या औचित्य है, क्योंकि कल को कोर्ट में जाकर कोई भी सदस्य इन्हें निरस्त करवा सकता है। उन्होंने कहा कि क्लब सदस्यों व उनके परिजनों के मनोरंजन के लिए बनाया गया था और उसपर सभी सदस्यों का समान अधिकार है, लेकिन सचिव लाला अपने पद का दुरूपयोग करते हुए क्लब को अपनी जागीर समझ बैठे हंै, जोकि उचित नहीं है।