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CDLU SIRSA के प्रबंधन विभाग की प्रोफेसर आरती गौड़ की “एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट की दो पुस्तकों का कुलगुरु द्वारा विमोचन किया

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The Vice-Chancellor released two books on entrepreneurship development authored by Professor Aarti Gaur of the Department of Management at CDLU, Sirsa

 MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI

 प्रोफेसर  आरती गौड़ एवं उनकी शोधार्थी  निहारिका बंसल द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट की दो पुस्तकों का विमोचन कुलगुरु प्रोफेसरविजय कुमार द्वारा किया गया और उनके साथ कुलगुरु के तकनीकी सलाहकार ,चेयरपर्सन डिपार्टमेंट ऑफ़ इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज़ , प्रोफेसर पंकज शर्मा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर  कुलगुरु ने प्रोफेसर  आरती गौड़ एवं उनकी शोधार्थी  निहारिका बंसल को बधाई देते हुए इस अकादमिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक उद्यमिता संबंधी समझ विकसित करने में विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने युवा पीढ़ी में नवाचार, आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने में उद्यमिता शिक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

यह पुस्तकें उद्यमिता विकास के समकालीन आयामों पर केंद्रित है तथा विद्यार्थियों एवं भावी उद्यमियों के लिए एक व्यावहारिक एवं व्यापक अकादमिक संसाधन के रूप में तैयार की गई है। यह विशेष रूप से BBA, B.Com, MBA एवं M.Com के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। इसके साथ ही, यह पुस्तक UGC-NET की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों तथा उद्यमिता के क्षेत्र में ज्ञान एवं दक्षताओं का विकास करने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। ये  पुस्तकें उद्यमिता की अवधारणा को एक समग्र दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। इसमें व्यावसायिक विचारों के सृजन से लेकर उन्हें सफल उद्यमों में परिवर्तित करने तक की प्रक्रिया को सरल, व्यवस्थित एवं व्यावहारिक रूप में समझाया गया है। पुस्तकों में उद्यमिता विकास से संबंधित आवश्यक अवधारणाओं, प्रक्रियाओं, अवसरों तथा व्यावहारिक पहलुओं को भी समाहित किया गया है।


 पुस्तकें हरियाणा, पंजाब एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में प्रचलित पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसकी व्यावहारिक प्रकृति इसे उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी बनाती है, जो उद्यमिता की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझना तथा नवीन विचारों को स्थायी एवं व्यावसायिक उपक्रमों में परिवर्तित करना चाहते हैं।