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सारा ब्रह्मांड परमपिता परमेश्वर की यज्ञशाला: गहलोत, बोले, वेदानुसार प्रदूषण का समाधान है यज्ञ

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The whole universe is the sacrificial fire of the Supreme God: Gehlot said, according to the Vedas, sacrificial fire is the solution to pollution

mahendra india news, new delhi
 सिरसा। यह सारा संसार, यह सारा ब्रह्मांड उस परमपिता परमेश्वर की यज्ञशाला है। इस यज्ञशाला में सूर्य, चंद्र, पृथ्वी, जल, अग्रि, वायु, आकाश सभी मिलकर प्रभु के यज्ञ में आहुतियां डाल रहे हैं। इस यज्ञ द्वारा प्राणी मात्र का कल्याण व पालन पोषण हो रहा है। ये शब्द आर्यसमाज बेगू रोड स्थित सिरसा के कार्यकारी प्रधान भूपसिंह गहलोत ने साप्ताहिक हवन यज्ञ के अवसर पर कहे।

उन्होंने बताया कि सूर्य प्राणीमात्र को अग्रि के रूप में जीवन प्रदान कर रहा है वहीं चंद्रमा शीतलता प्रदान कर रहा है। जल रस दे रहा है, पृथ्वी सबका आधार है, वायु हमारे प्राण हैं, आकाश हमें गति के लिए स्थान दे रहा है, वनस्पति जगत इतने फल फूल, मेवे, अन्न, सब्जियां, औषधियां प्रदान कर रहा है, लेकिन परमात्मा की यज्ञशाला को तो मानव ने बहुत ही प्रदूषित कर दिया, चाहे वह वायु हो, चाहे जल, पृथ्वी हो या आकाश मंडल, किसी को नहीं छोड़ा। गहलोत ने बताया कि वेदों ने इन समस्याओं का समाधान सिर्फ हवन यज्ञ को ही बताया है।

विधिनुसार किया गया हवन यज्ञ में डाले गए पदार्थों, घृत सामग्री, मेवे आदि अपनी शक्ति से तोड़ता है व फैलाता है तथा वे पदार्थ सूक्ष्म होकर परमात्मा द्वारा रचे पदार्थों जैसे पृथ्वी, जल, वायु, सूर्य चंद्र आदि पहुंचकर इन्हें प्रदूषणमुक्त कर देता है, यानि पृथ्वी पर किया गया हवन यज्ञ की सुगंधी पृथ्वी तक सीमित न रहकर परमात्मा द्वारा रचित पदार्थों तक व अन्य पिंडों तक पहुंचता है।

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इस अवसर पर ओमप्रकाश भजनोपदेशक ने वैदिक भजन सुनाकर सबको हर्षित किया। डॉ. राजकुमार निजात ने विद्यार्थियों को सर्दी से बचाव के उपाय बताए। कार्यक्रम में बलराज आर्य, समाजसेवी डॉ. लेखराज लूथरा, पूर्व प्रबंधक गंगाराम वर्मा, कौशल्या आर्या, योगार्थी कुलदीप सिंह, प्रो. सुभाष वर्मा, त्रिलोक मित्तल, सुमित आर्य, कपिश आर्य, सोम आर्य एवं हरमन सिंह सहित अनेक आर्यजन मौजूद थे। शांतिपाठ व प्रसाद वितरण के साथ सभा का समापन किया गया।