राष्ट्रीय खेल दिवस पर जेसीडी मेमोरियल कॉलेज में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन, शारीरिक व मानसिक तौर पर मजबूत बनाते हैं खेल : डॉ. जय प्रकाश
जेसीडी विद्यापीठ में स्थित मेमोरियल कॉलेज में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया गया, जिसके उपलक्ष्य में विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया] रस्साकशी की प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण और रोमांच का केंद्र रही। इसके अलावा कई मनोरंजनात्मक खेल प्रतियोगिताएं स्पोर्ट्स ऑफिसर डॉ. अमरीक सिंह गिल तथा कॉलेज के स्पोर्ट्स इंचार्ज श्री कुलदीप सिंह के नेतृत्व में आयोजित करवाई गईं। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मेजर ध्यानचंद जी को नमन किया गया और उनके अद्वितीय योगदान को याद किया गया।
इस मौके पर जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने कहा कि पूरे भारत में हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद जी के जन्मदिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी हिस्सा लेना चाहिए, क्योंकि खेल जहां व्यक्ति को अनुशासनात्मक जीवन जीने की कला सिखाते हैं, वहीं शारीरिक व मानसिक तौर पर मजबूती भी प्रदान करते हैं। खेलों में हिस्सा लेने से युवा पीढ़ी नशे जैसी बुरी आदतों से बच सकती है तथा देशहित की भलाई में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर सकती है।
उन्होंने कहा कि यह दिन हमें न केवल खेलों की उपलब्धियों और गौरवशाली परंपरा की याद दिलाता है, बल्कि यह भी सिखाता है कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं।
इस अवसर पर जेसीडी के स्पोर्ट्स ऑफिसर डॉ. अमरीक सिंह गिल ने कहा कि खेल से ही हमारे व्यक्तित्व का विकास होता है और हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने खेलों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि खेलों से मनुष्य में समन्वय की कला बढ़ती है तथा शरीर भी स्वस्थ रहता है। वहीं स्वस्थ शरीर के साथ-साथ खेलों के माध्यम से विद्यार्थी अपने भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं।
