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विश्व रेडियो दिवस पर सीडीएलयू में आयोजित रेडियो उत्सव-2026 में कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत

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Vice Chancellor Prof. Vijay Kumar attended the Radio Utsav-2026 organized at CDLU on World Radio Day as the Chief Guest

Mahendra india news, new delhi
मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस डिजिटल युग में भी रेडियो अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है और सामाजिक परिवर्तन में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए रेडियो अब पॉडकास्ट, ऑनलाइन स्ट्रीमिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से नई पहचान बना रहा है।


ये विचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो स्टेशन द्वारा रेडियो एंड आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस : एआई इज ए टूल, नॉट ए वॉइस (Radio and Artificial Intelligence: AI is a tool, not a voice) के थीम पर आयोजित रेडियो उत्सव-2026 में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में व्यक्त किए। कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने सभी प्रतिभागियों को विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रेडियो के क्षेत्र में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस की वजह से एक नये युग का सूत्रपात हुआ है। रेडियो जनसंचार का सशक्त माध्यम है, जिसने देश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत एक ग्रामीण प्रधान देश है, जहां आज भी दूर-दराज़ के गाँवों में रेडियो सूचना और जागरूकता का सबसे विश्वसनीय माध्यम बना हुआ है।


कुलगुरु ने बताया कि देशभर में संचालित सामुदायिक रेडियो स्टेशन महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता और सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। रेडियो आज भी समाज को जोड़ने और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महानगरों में एफएम रेडियो तथा छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक रेडियो लोगों की पहली पसंद है।

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रेडियो ने समय के साथ स्वयं को ढाला है और अब डिजिटल रेडियो व पॉडकास्ट के माध्यम से युवाओं तक भी प्रभावी ढंग से पहुँच बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के कौशल विकास, संचार दक्षता और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में सामुदायिक रेडियो स्टेशन की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाएगी।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सुनील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि रेडियो केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक रेडियो स्थानीय समस्याओं, लोक संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की जानकारी को जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। कुलसचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन सामुदायिक रेडियो को शैक्षणिक गतिविधियों, कौशल विकास तथा सामाजिक सरोकारों से और अधिक सशक्त रूप से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।


इस अवसर पर रेडियो उत्सव-2026 के संयोजक एवं सामुदायिक रेडियो स्टेशन के निदेशक प्रोफेसर सेवा सिंह बाजवा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा रेडियो स्टेशन की गतिविधियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी दी। सामुदायिक रेडियो स्टेशन के अतिरिक्त निदेशक डॉ अमित सांगवान ने कुलगुरु और कुलसचिव का धन्यवाद करते हुए कहा कि सूचना ही सामाजिक परिवर्तन का आधार है और सामुदायिक रेडियो के माध्यम से पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ-साथ समाज को जागरूक किया जा रहा है।

कार्यक्रम की सफलता में मीडिया सेंटर के उप अधीक्षक राजेश कम्बोज, शोधार्थी सपना, डिंपल, सहायक रोहतास, गिरीश, दिनेश, दर्शन सिंह, बलविंदर सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पूर्व रेडियो उद्धघोषक छिंदरपाल ने रेडियो कार्यक्रमों की बारीकियों के बारे में विद्यार्थियों को अवगत करवाया।