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सूरज की जिंदगी बचाने की विक्रम इंदौरा ने छेड़ी मुहिम, बरासरी गाँव बना इंसानियत की मिसाल

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Vikram Indaura launches campaign to save Suraj's life; Barasari village sets an example of humanity

mahendra india news, new delhi

 सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल जोड़़कियां गाँव के 15 वर्षीय सूरज को बचाने के लिए विक्रम इंदौरा द्वारा शुरू की गई मुहिम अब इंसानियत की बड़ी मिसाल बनती जा रही है। तीन बहनों के इकलौते भाई सूरज पिछले 12 दिनों से सिरसा के निजी अस्पताल के ICU में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण प्रतिदिन होने वाला हजारों रुपए का इलाज खर्च परिवार के लिए उठाना मुश्किल था।

सूरज की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद विक्रम इंदौरा खुद अस्पताल पहुंचे, सूरज का हालचाल जाना, परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उपचार की पूरी जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सूरज की जिंदगी बचाने के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने की मुहिम शुरू की।

विक्रम इंदौरा ने केवल सोशल मीडिया पर अपील तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पिछले कई दिनों से लगातार व्यक्तिगत स्तर पर फोन करके अपने यार-दोस्तों, सामाजिक साथियों, कर्मचारियों, अधिकारियों और परिचितों से आर्थिक सहयोग की अपील करते रहे। वे लोगों से बार-बार कहते रहे कि “भाई, जितना बन पड़े सूरज के इलाज के लिए भेजो, एक गरीब परिवार के बच्चे की जिंदगी बचाने में हमारा थोड़ा सा सहयोग भी बहुत बड़ा काम कर सकता है।”

उनकी लगातार मेहनत और अपील का असर भी दिखाई दिया और कई लोगों ने आगे बढ़कर सहयोग किया। इसी मुहिम की एक बड़ी कड़ी बनकर सामने आया बरासरी गाँव, जहाँ पूरे भाईचारे और ग्राम पंचायत ने सूरज की जिंदगी बचाने के लिए ऐसा कदम उठाया, जिसने इंसानियत की मिसाल कायम कर दी।

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गाँव बरासरी के समस्त भाईचारे एवं ग्राम पंचायत ने महज कुछ घंटों में लगभग ₹50 हजार की राशि एकत्रित कर सूरज के इलाज के लिए दी। लेकिन इंसानियत का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। अगले ही दिन ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने फिर मिलजुलकर ₹50 हजार की अतिरिक्त सहायता राशि जुटाकर सूरज के परिवार को प्रदान की।

इस प्रकार बरासरी गाँव के भाईचारे एवं ग्राम पंचायत की ओर से कुल ₹1 लाख की आर्थिक सहायता सूरज के इलाज के लिए दी गई।

विक्रम इंदौरा की लगातार मेहनत और लोगों से की जा रही अपील के बीच बरासरी गाँव का यह सहयोग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार के लिए उम्मीद और हौसले की किरण बनकर सामने आया है।

आज जब समाज में अक्सर लोग दूसरों की परेशानियों से दूरी बना लेते हैं, ऐसे समय में विक्रम इंदौरा द्वारा लगातार लोगों को जोड़कर मदद की मुहिम चलाना और बरासरी गाँव के पूरे भाईचारे एवं ग्राम पंचायत का एकजुट होकर गरीब परिवार के साथ खड़ा होना मानवता की जीवंत तस्वीर पेश करता है।

यह सहयोग साबित करता है कि जब समाज का एक व्यक्ति मदद के लिए आवाज उठाता है और पूरा गाँव उस आवाज को अपनी आवाज बना लेता है, तो मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में भी उम्मीद पैदा की जा सकती है।

“गाँव राम होता है… और जब हर घर से थोड़ा-थोड़ा सहयोग निकलता है, तो किसी गरीब के उजड़े आंगन में फिर से खुशियों के फूल खिल सकते हैं।”

सूरज की जिंदगी बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे विक्रम इंदौरा और इस मुहिम में बढ़-चढ़कर सहयोग करने वाले बरासरी गाँव के समस्त भाईचारे एवं ग्राम पंचायत को दिल से सैल्यूट। 

इंसानियत अभी जिंदा है… बरासरी गाँव ने फिर साबित कर दिया।