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हरियाणा में नकली दूध के खिलाफ जंग शुरू, सिरसा में जिला कमेटी गठित

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War against adulterated milk begins in Haryana; district committee formed in Sirsa

mahendra india news, new delhi
 नकली दूध, खोया, पनीर और अन्य मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ अभियान को लेकर आज गुरुद्वारा चिल्ला साहिब, सिरसा में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों, पशुपालकों, मजदूरों, दूधियों और अन्य लोगों ने भाग लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर तक पूरे हरियाणा में दूध की सप्लाई बंद रखने का आह्वान किया जाएगा। इस दौरान वीटा, वेरका, सरस और अमूल सहित अन्य दूध कंपनियों से अपील की गई कि वे गांवों और शहरों में दूध की गाड़ियां न भेजें।

बैठक में कहा गया कि यदि इस अवधि में कंपनियां दूध की सप्लाई के लिए वाहन भेजती हैं तो उससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी। सभी किसान, मजदूर और दूधियों से भी अपील की गई कि 1 से 3 अक्टूबर तक न तो दूध लेने जाएं और न ही दूध बेचें। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति आंदोलन के दौरान दूध बेचता हुआ पाया जाता है तो उस पर 51,000 का सामुदायिक जुमार्ना लगाने का निर्णय लिया गया। यह राशि संबंधित गांव/क्षेत्र के धार्मिक स्थल—गुरुद्वारा, मंदिर, मजार या डेरे—में बांटने की बात कही गई। साथ ही, बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि दूध ढोने के इस्तेमाल किए जा रहे साधन को जब्त किया जाएगा तथा पकड़े गए दूध को गरीब बस्तियों में वितरित किया जाएगा। बैठक में आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए जिला कमेटी का गठन भी किया गया।

कमेटी में जसबीर सिंह भाटी, मैक्स साहुवाला, भूपिंदर सिंह नंबरदार, उदय प्रताप सिंह गिल, गुरी सेखों, सोम चंद सरपंच, आकाश कंबोज, अर्जन कंबोज, गोरा बराड़, रोशन लाल, खुशदीप सिंह, बलजिंदर सूच और कुलविंदर सिंह को शामिल किया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अभियान का उद्देश्य पशुपालकों को दूध का उचित दाम दिलाने के साथ-साथ नकली और मिलावटी दूध उत्पादों के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करना तथा नकली के खिलाफ जंग, असली को प्रमोट अभियान को पूरे हरियाणा में आगे बढ़ाना है। बैठक में सभी किसान, पशुपालक, मजदूर, दूध व्यवसाय से जुड़े लोगों और सामाजिक संगठनों से आंदोलन में सहयोग करने की अपील की गई।

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