टेट परीक्षा से छंटनी नहीं चलेगी, पक्के होंगे-कच्चे नहीं रहेंगे, पेंशन-वेतन आयोग लेकर रहेंगे: मदन लाल खोथ
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, जिला सिरसा के प्रधान मदन लाल खोथ, वरिष्ठ उपप्रधान सुखदेव सिंह, कोषाध्यक्ष मास्टर वीर सिंह, सह सचिव सुशील सोनी व नरेश चौहान, उपप्रधान राजेश भाकर, कृष्णा देवी व लता रानी, प्रेस सचिव अजय पासी, संगठन सचिव राजेश खिचड़ तथा आॅडिटर मास्टर विनोद कासनियां ने सिरसा में जारी संयुक्त बयान में कहा कि देश और प्रदेश के कर्मचारियों के सामने आज रोजगार, वेतन, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं की रक्षा की गंभीर चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि नवउदारीकरण की नीतियों के चलते सरकारी विभागों में नियमित रोजगार की जगह गेस्ट, एचकेआरएन, ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग, टर्म अपॉइंटमेंट और अन्य अस्थायी नियुक्तियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन, पानी, सफाई, राजस्व और लिपिकीय कार्य सहित विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं में निजीकरण तथा पदों में कटौती का असर कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता पर भी पड़ रहा है। इन्हीं परिस्थितियों में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 12 दिसंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में कर्मचारी आक्रोश रैली आयोजित की जा रही है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने रैली में प्रदेश से व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तीन चरणों में अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
रैली क्यों जरूरी है?
हरियाणा में नियमित पदों पर भर्ती करने की बजाय कच्चे कर्मचारियों और शिक्षकों से स्थायी प्रकृति के कार्य करवाए जा रहे हैं। वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के सामने रोजगार की असुरक्षा बनी हुई है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्ति, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग ने समान काम के लिए समान वेतन तथा नियमितीकरण के सवाल को और महत्वपूर्ण बना दिया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की मांग है कि सभी कच्चे कर्मचारियों और शिक्षकों को नियमित किया जाए। वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीतियों तथा न्यायालयों के फैसलों को लागू किया जाए और शेष कर्मचारियों के लिए दो वर्ष की सेवा के आधार पर नियमितीकरण की नीति बनाई जाए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग कर कर्मचारियों को संबंधित विभागों के पे-रोल पर लिया जाए।
बढ़ती आबादी और कार्यभार के अनुपात में न्यूनतम 12 लाख नए पद सृजित करने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने तथा आरक्षण के बैकलॉग को पूरा करने की मांग भी प्रमुख है। इसके साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक, चारों श्रम संहिताओं की वापसी, छंटनीग्रस्त कर्मचारियों की बहाली, महिला कर्मचारियों को समान अवकाश एवं सुविधाएं तथा विभागीय संगठनों की लंबित मांगों का समाधान भी प्रमुख मुद्दे हैं। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा सरकारी विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण तथा शिक्षकों पर लागू अनिवार्य टीईटी संबंधी आदेशों की वापसी की मांग कर रहा है। नई शिक्षा नीति को रद्द करने तथा शिक्षा के भगवाकरण पर रोक लगाने की मांग भी आंदोलन में शामिल है। शिक्षकों का संघर्ष केवल उनकी सेवा-शर्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे के लिए समान, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ सार्वजनिक शिक्षा सुनिश्चित करने से भी जुड़ा हुआ है।
हरियाणा में तीन चरणों में चलेगा व्यापक अभियान:
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने रैली की सफलता के लिए 4.5 लाख कर्मचारियों तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की जिला प्रभारी के रूप में ड्यूटियां लगाई गई हैं। पहले चरण में 11 अक्टूबर 2026 को प्रात: 10:00 बजे पटवार भवन, सिरसा में विस्तृत जिला बैठक/कन्वेंशन आयोजित की जाएगी। इसमें सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा जिला सिरसा तथा संबंधित विभागीय यूनियनों के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी भाग लेंगे। बैठक में 12 दिसंबर की रैली की आवश्यकता, मांगपत्र, प्रचार अभियान, कर्मचारियों की भागीदारी की जाए। इस चरण में उन कर्मचारियों तक विशेष रूप से पहुंच बनाई जाएगी, जहां यूनियनें नहीं हैं अथवा अपेक्षाकृत कम सक्रिय हैं। उपायुक्त कार्यालयों, एसडीएम कार्यालयों, तहसीलों, सीडीपीओ कार्यालयों, अस्पतालों, राजस्व विभाग, पुलिस थानों तथा अन्य सरकारी कार्यालयों में विशेष संपर्क अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक कर्मचारी से व्यक्तिगत संवाद करते हुए उसे रैली में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। सिरसा से न्यूनतम 20 बसों, इसके अतिरिक्त छोटे एवं व्यक्तिगत वाहनों के माध्यम से कर्मचारियों को दिल्ली पहुंचाने की तैयारी की जाएगी। 01 अक्टूबर 2026 को कुरुक्षेत्र में चल रहे गेस्ट टीचरों के 24 घंटे के पड़ाव में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, जिला सिरसा की ओर से पांच पदाधिकारी/कर्मचारी भाग लेंगे। 02 अक्तूबर 2026 को सुबह 10 उपायुक्त के कार्यालय सिरसा में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ सांकेतिक भुख हड़ताल शिक्षा बचाने, स्कूल बचाने, पुरानी पेंशन बहाल इत्यादि इसके अतिरिक्त अन्य विभागीय यूनियनों के आंदोलनों में भी संगठन की ओर से बढ़-चढ़कर भागीदारी की जाएगी।
पदाधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान:
12 दिसंबर की रैली की सफलता केवल राज्य नेतृत्व की नहीं, बल्कि प्रत्येक जिला, ब्लॉक, विभागीय यूनियन, पदाधिकारी और कार्यकर्ता की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक पदाधिकारी अपनी निर्धारित ड्यूटी को गंभीरता से निभाए। प्रत्येक कार्यकर्ता अधिकतम कर्मचारियों तक पहुंचे और उन्हें मांगपत्र तथा रैली के उद्देश्यों से अवगत करवाए। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का आह्वान है कि शिक्षक और कर्मचारी अपने विभागीय दायरों से आगे बढ़कर व्यापक कर्मचारी एकता को मजबूत करें। नियमित और कच्चे कर्मचारी मिलकर रोजगार, वेतन, पेंशन तथा सार्वजनिक सेवाओं की रक्षा के लिए संगठित हों।
