World Coconut Day. सीडीएलयू में विश्व नारियल दिवस मनाया गया रचनात्मकता और जागरूकता के साथ
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के वनस्पति विज्ञान विभाग की बॉटनिकल सोसायटी की ओर से मंगलवार को विश्व नारियल दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ रंगोली निर्माण प्रतियोगिता के साथ हुआ, जिसका उद्देश्य भोजन, स्वास्थ्य, सौंदर्य प्रसाधन, सतत जीवन शैली और पर्यावरण संरक्षण में नारियल के बहुआयामी उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाना था।
इस प्रतियोगिता में एम.एससी. बॉटनी एवं बी.एससी.-एम.एससी. इंटीग्रेटेड लाइफ साइंस कार्यक्रम के कुल 21 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने आकर्षक और रंग-बिरंगी रंगोलियाँ बनाकर नारियल के महत्व एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।

रंगोली प्रतियोगिता का मूल्यांकन डीन शिक्षा संकाय प्रो. निवेदिता हूडा, डीन लाइफ साइंसेज प्रो. जे.एस. दुहन, जनसंपर्क निदेशक, डॉ. अमित एवं एफएसटी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मंजू नेहरा ने किया। प्रतियोगिता में बी.एससी.-एम.एससी. इंटीग्रेटेड प्रोग्राम की खुशी ने प्रथम स्थान, एम.एससी. बॉटनी प्रीवियस कंचन ने द्वितीय स्थान एवं एम.एससी. बॉटनी फाइनल की ऋतु ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर ज्योति सांगवान ने बताया कि कार्यक्रम का संचालन कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार के दिशा निर्देशन में आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष का वैश्विक थीम एन्कोवेरिंग कोकोनट्स पावर, इंस्पायरिंग ग्लोबल एक्शन था, जिसका उद्देश्य नारियल के पोषण, आर्थिक एवं पर्यावरणीय महत्व को उजागर करना था। नारियल को अक्सर “जीवन का वृक्ष” कहा जाता है, और कार्यक्रम इसी संदेश के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। उन्होंने प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि नारियल केवल पौष्टिक आहार और स्वास्थ्यवर्धक पेय का ही स्रोत नहीं है, बल्कि यह तेल, रेशे, दूध, सौंदर्य प्रसाधन, बर्तन एवं जैव-आधारित उत्पादों जैसे अनेक संसाधन प्रदान करता है। यह सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला पौधा है, जिसे पोषण एवं पर्यावरणीय सुरक्षा दोनों के दृष्टिकोण से मान्यता दी जानी चाहिए।
सभी प्रतिभागियों ने यह शपथ ली कि वे नारियल एवं इसके उत्पादों का विवेकपूर्ण उपयोग करेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देंगे। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, सतत विकास एवं वैश्विक जागरूकता के प्रति बड़े संदेश देने वाला एक प्रेरणादायक प्रयास साबित हुआ। कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. ज्योति रानी, ममता रानी एवं संदीप के मार्गदर्शन में हुआ, जिन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उत्कृष्ट समन्वय किया।
