विश्व मद्यनिषेध दिवस: शराब सेवन वर्तमान समय की गंभीर समस्या: डा. तुषार गोयल
mahendra india news, new delhi
सिरसा। विश्व मद्यनिषेध दिवस पर विचार रखते हुए होली नर्सिंग होम के मनोरोग व नशामुक्ति विशेषज्ञ डा. तुषार गोयल ने कहा कि हर वर्ष 2 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को शराब जैसी बुरी आदतों से दूर रखना और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना है। डा. गोयल ने कहा कि आज के समय में शराब सेवन एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। यह केवल स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है।
शराब के कारण हिंसा, सडक़ दुर्घटनाएं, अपराध, गरीबी और पारिवारिक विघटन जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। डा. गोयल ने बताया कि शराब के सेवन से लीवर रोग, हृदय रोग, कैंसर, मानसिक विकार और मृत्यु का खतरा बना रहता है। घरेलू हिंसा, आपसी झगड़े, अपराध और सामाजिक असंतुलन पैदा होता है। यही नहीं परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी बोझ पड़ता है। डा. गोयल ने बताया कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के लिए नशामुक्ति आवश्यक है। शराब छोडऩे से परिवार में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है। यह समाज में नैतिकता, अनुशासन और सद्भाव बनाए रखने में मदद करता है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम स्वयं शराब से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करेंगे। समाज में नशा मुक्ति अभियान चलाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। विश्व मद्यनिषेध दिवस हमें यह याद दिलाता है कि शराब का सेवन केवल विनाश की ओर ले जाता है। यदि हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीना चाहते हैंए तो नशा मुक्त समाज का निर्माण करना ही होगा।
