सालासर धाम मंदिर में संगीतमयी सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन, पूर्व मंत्री गोपाल कांडा की धर्मपत्नी सरस्वती कांडा ने की ज्योत प्रज्ज्वलित
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पूर्व मंत्री एवं हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा की धर्मपत्नी सरस्वती कांडा ने कहा कि संस्कृति, संस्कार और सनातन से जुड़े रहना जरूरी है। सिरसा की धर्म धरा पर धार्मिक - आध्यात्मिक आयोजन मिसाल है। उन्होंने सालासर बाला जी के धाम को नमन करते हुए कहा कि केवल भौतिक उन्नति से समाज का भला नहीं हो सकता। धर्म और अध्यात्म से जुड़ाव भी रहना चाहिए।

श्रीमती सरस्वती कांडा श्री सालासर धाम मंदिर में आयोजित संगीतमयी श्री सुंदर कांडा पाठ में शिरकत करने पहुंची थीं। उन्होंने बाला जी महाराज की पावन ज्योत प्रज्ज्वलित की। नूतन वर्ष का अभिनंदन श्री सुंदरकांड पाठ से श्री सालासर धाम मंदिर में प्रत्येक वर्ष किया जाता है। विशेष रूप से राजस्थान में स्थित सालासर धाम से पहुंचे पुजारीगण ने बाला जी की महिमा का गुणगान किया।

सरस्वती कांडा के साथ श्री बाबा तारा जी कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सरिता कांडा ने भी आयोजन में भाग लिया। उन्होंने सुंदरकांड पाठ के भव्य आयोजन के लिए श्री सालासर धाम मंदिर कमेटी को साधुवाद दिया। सरस्वती कांडा, गोबिंद कांडा एवं सरिता कांडा ने बाला जी महाराज की आरती की।

राजस्थान से पहुंचे विकास पुजारी, किशन शर्मा, मांगी लाल शर्मा, अनिल शर्मा, नरेश शर्मा , महेश शर्मा, राजेंद्र शर्मा ने संगीतमयी सुंदरकांड पाठ किया। श्री सालासर धाम मंदिर कमेटी के प्रधान गोपाल सर्राफ एवं अन्य पदाधिकारियों ने सरस्वती कांडा, गोबिंद कांडा एवं सरिता कांडा को सम्मानित किया। कार्यक्रम में कलाकारों ने सुंदर सचेतन झांकियां प्रस्तुत की। बाला की श्रृंगार आरती भजन गायक राजेश गोयल द्वारा की गई। श्रद्धालुओं में बालाजी महाराज का दिव्य खजाना वितरित किया गया। श्री सुंदरकांड पाठ के पश्चात बालाजी महाराज का राजस्थानी रसोई प्रसाद का भी वितरण किया गया।

इस अवसर पर गोपाल कृष्ण, प्रदीप मित्तल, सुशील झुन्थरा, कृष्ण बंसल, अनिल गोयल, महेश बंसल, सुरेश गोयल, नरेश जिंदल सहित अन्य श्रद्धालुजन मौजूद थे। टाऊन पार्क के निकट स्थित श्री सालासर धाम मंदिर में नववर्ष पर का अभिनंदन भजन संध्या और धर्म जागरण से होता है। श्री सालासर धाम मंदिर कमेटी के प्रधान गोपाल सर्राफ ने बताया कि साल - 2026 का स्वागत श्री सुंदरकांड पाठ के आयोजन से किया गया है। बालाजी महाराज की कृपा समस्त सिरसावासियों पर बनी रहे इस मनोभाव से आयोजन किया गया है।
