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शरद पूर्णिमा पर सिरसा के श्री सालासर धाम मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, बालाजी महाराज का भव्य श्रृंगार और विशाल भंडारा

 
A massive surge of devotees gathered at the Shri Salasar Dham temple in Sirsa on Sharad Purnima; the event featured elaborate adornment of Balaji Maharaj and a grand community feast (bhandara
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mahendra india news, new delhi
शरद पूर्णिमा के मौके पर श्री सालासरधाम मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गांव-गांव से बालाजी के जयकारे लगाते व डीजे की धुन पर नाचते हुए महिला-पुरुष व बच्चे मंदिर में दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। हाथों में छोटी-बड़ी ध्वजा लेकर लोगों का हुजूम मंदिर की ओर बढ़ रहा था। मंदिर कमेटी की ओर से विश्व सम्राट श्री बालाजी महाराज के तीन दिवसीय पूर्णिमा महोत्सव को लेकर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। कलकत्ता व अन्य जगहों से मंगवाए गए फूलों से मंदिर को सजाया गया था। मंदिर की छटा मनोहारी बनी हुई थी।

सुबह-सवेरे से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की कतार लग गई। रविवार को तीन दिवसीय महोत्सव की मांगलिक शुरूआत शहनाई वादन से हुई। इसके बाद मंगलगान व देहली पूजन हुआ। कतार में लगे श्रद्धालु बालाजी महाराज की मनोहारी छवि को आंखों में कैद करने को लेकर आतुर दिखाई दिए। बालाजी को एक नजर निहार कर श्रद्धालु स्वयं को धन्य मान रहे थे। मंदिर कमेटी की ओर से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। मंदिर के भीतर व बाहर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य व्यवस्था बहाली में जुटे हुए थे।


कार्यक्रम की जानकारी देते हुए श्री सालासर धाम मंदिर कमेटी के प्रधान गोपाल सर्राफ ने बताया कि सोमवार को सुबह 5 बजे मंगलगान व देहली पूजन से कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रात: सवा 6 बजे रजतमयी बालाजी की मूर्तियों का अनावरण किया गया। सवा 7 बजे स्वर्णमयी गणेश प्रतिमा एवं स्वर्णमयी बालाजी के गुंबज का अनावरण किया गया। प्रात: सवा 8 बजे बालाजी महाराज को स्वर्ण आभूषण अर्पण किए गए। सवा 9 बजे बालाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण बालाजी के जयघोष के साथ किया गया।। सुबह 10 बजे परिक्रमा में बालाजी की रजतमयी प्रतिमा का अनावरण होगा।

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साढ़े 10 बजे बालाजी महाराज को स्वर्णमयी गदा का अनावरण व प्रात: 11 बजे बालरूप हनुमान के स्वर्णमयी आभूषणों का अनावरण किया गया। साढ़े 11 बजे सवामण लड्डु प्रसाद चढ़ाया गया। इसके बाद बालाजी महाराज का विशाल भण्डारा आयोजित किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर 12 बजे बाल स्वरूप बालाजी को स्वर्ण आभूषण अर्पण किए गए। साढ़े 12 बजे रजतमयी बालाजी के भोजन बर्तन का अनावरण किया गया।

संध्याकालीन कार्यक्रम बारे प्रधान गोपाल सर्राफ ने बताया कि सोमवार की सायं 7 बजे श्री राधाकृष्ण के स्वर्णमयी गुंबज का अनावरण किया गया। सवा सात बजे बालरूप हनुमान जी के स्वर्णमयी गुंबज का अनावरण तथा साढ़े सात बजे बालाजी की भव्य श्रृंगार आरती और ज्योत प्रज्जवलित की जाएगी। सायं साढ़े 7 बजे बालाजी महाराज का भव्य रात्रि जागरण आयोजित किया जाएगा। जिसमें दीप गर्ग बालाजी का गुणगान करेंगे। आरती के बाद बालाजी का सवामण लड्डू प्रसाद तथा रात्रि सवा 12 बजे बालाजी का अमृत रूपी खीर प्रसाद वितरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर, मंगलवार की सायं 7 बजे बालाजी महाराज की ज्योत प्रज्ज्वलित एवं भव्य श्रृंगार आरती की जाएगी। सवा सात बजे बालाजी महाराज का सवामण लड्डू भेंट किया जाएगा। रात्रि साढ़े 7 बजे संगीतमयी श्री सुंदरकांड पाठ किया जाएगा, जिसका वाचन श्री रामदूत सेवा मण्डल फतेहाबाद के नंदपाल अग्रवाल द्वारा किया जाएगा। रात्रि साढ़े 9 बजे बालाजी महाराज का रसोई प्रसाद वितरित किया जाएगा।