गोगामेड़ी मेला में उमड़ा आस्था का सैलाब, गोगा नवमी पर 3 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई धोक
mahendra india news, new delhi
हरियाणा सीमा से सटे राजस्थान के पवित्र स्थल गोगामेड़ी में गोगाजी मंदिर में भादो मास का मेला पूरे परवान पर है। शनिवार को गोगा नवमी के उपलक्ष्य पर देश के कोने कोने से आए श्रद्धालुओं ने धोक लगाई। गर्मी और उमस के बावजूद देश के अनेक राज्यों से आए करीब 3 लाख श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ गोगाजी की समाधि पर नमन किया। गोगाजी मन्दिर में धोक लगाने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी लाईने लगने लगी है।

मेले में उत्तर प्रदेश से पीत वस्त्र धारी श्रद्धालुओं की संख्या भी ज्यादा रही। पूरा मेला क्षेत्र नाचते गाते श्रद्धालुओं से भर गया। श्रद्धालु गोगाजी के जयकारों साथ हाथों में गोगाजी के निशान व ध्वजा लेकर मंदिर की और बढ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के साथ साथ हरियाणा, राजस्थान,दिल्ली, पंजाब, व हिमाचल प्रदेश से लाखों लोग लोक देवता गोगा जी की समाधि पर धोक लगाने व सजदा करते हैं। गोगा नवमी को गोगा जी का जन्मदिन माना जाता है। इस पर्व पर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए हनुमानगढ जिला प्रशासन ने सुरक्षा व कानून व्यवस्था के दृष्टिगत कड़े उपाय किए गये है। गोगाजी व गुरू गोरख नाथ के जयकारों से पूरा मेला क्षेत्र गुंजायमान हो गया है।
साम्प्रदायिक सद्भाव के प्रतीक गोगामेड़ी मेले में गोगाजी मन्दिर में हिन्दू व मुसलमान सहित सभी बिरादरी के लाखों श्रद्धालूओं ने एक साथ पूजा अर्चना की। हिन्दू गोगाजी को वीर के रूप में पूजते हैं। तथा मुसलमान पीर के रूप में सजदा करतें है। गोगा जी की समाधि उनके मस्जिदनुमा मंदिर में स्थित है। समाधि पर अश्वारोही गोगा जी की मूर्ति उत्र्कीण है।
इस समय गर्मी पड़ रही है। लेकिन गोगाजी के प्रति भक्तों की आस्था गर्मी और उमस पर भारी पड़ रही है। इसके बावजूद गर्म रेत व सड़को पर पेट के बल कनक दण्डवत कर पहुँच रहे लोगों की श्रद्धा देखते ही बनती है। ढोल नगाडों पर नाचते गाते डमरू व सारंगी की लय पर आगे बढते श्रद्धालू गुरू गोरख नाथ की जय,जाहरवीर की जय,गोगापीर की जय,के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर रहे हैं। दर्शन के लिए गोगाजी मन्दिर के बाहर श्रद्धालूओ की लंबी लाईन लगी हुई है। गुरू शिष्य परंपरा के अनुसार गोगामेडी़ आने वाले श्रद्धालु पहले गोगाजी के मंदिर से दो किलामीटर दूर गोगाणा में पवित्र तालाब में स्नान कर गुरू गोरखनाथ के धुणे पर शीश नवातें हैं।
बाद में गोगामेड़ी मंदिर में पूजा अर्चना करते है। तथा प्रसाद के रूप में नारियल, खील, मिठाई, नीली ध्वजा, चद्दर, इत्र, धूप,पैसे व साने चान्दी के छत्र इत्यादि सामग्री चढाई। गोगा जी की समाधी पर धोक लगाने के बाद श्रद्धालु नाहर सिंह, माता बाछल, रानी सिरीयल, भजू कोतवाल, रतना हाजी, सबल सिंह बावरी, केसरमल, जीतकौर, श्याम कौर, भाई मदारण की समाधियों पर धोक लगा रहे हैं। मेले में झूला व मनोरजंन स्थल पर लोग मेले का आंनद उठा रहे। इसके अलावा मेला परिसर में मनिहारी बाजार, लाठी बाजार ढोलक बाजार, फोटो बाजार,पुस्तक बाजार, मूर्ति बाजार, खिलौनों आदी की दुकानों पर खूब बिक्री हो रही है। हनुमानगढ़ जिला प्रशासन द्वारा उठाई गिरी, जेब तराशी व अन्य असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरोके साथ साथ वर्दीधारी पुलिस बल को तैनात किया। भादरा के विधायक संजीव बैनीवाल, जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य, नोहर एसडीएम व मेला मजिस्ट्रेट सुनीता यादव, भादरा एसडीएम भागीरथ, पशुपालन विभाग और देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सोनी सहित मेला प्रशासन मेले की हर गतिविधियों पर नजर बनाए हुए। उत्तर भारत का सबसे बड़े पशु मेले में हरियाणा राजस्थान सहित सहित कई प्रदेशों से ऊंट व्यापारी व किसान अपने ऊंट लेकर पहुंचे हुए हैं।
उपखंड अधिकारी और मेला मजिस्ट्रेट सुनीता यादव और गोगामेडी पुलिस थाना के इंचार्ज जयप्रकाश मेले की हर गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं,
देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सोनी ने बताया कि महीने भर चलने वाले इस मेले में तमाम प्रशासन अपनी ड्यूटी दे रहा हैं, विशेष पुलिस बल तैनात किए गए हैं , अब तक 2 लाख 80 हजार से अधिक श्रद्धालु धोक लगा चुके हैं तथा धोक लगाने का क्रम जारी है। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो , इसके लिए प्रशासन पूरी व्यवस्था कर रहा हैं, उन्होंने सभी से निवेदन किया है कि मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखें , और साफ-सफाई का विशेष तौर से ध्यान रखें , उन्होंने सभी देशवासियों को गोगामेड़ी मेले की शुभकामनाएं दी है
