home page

जुलाई महीने की दोनों एकादशी बहुत ही खास, जानें किस तारीख को रखे जाएंगे व्रत और पारण समय

 | 
news

mahendra india news, new delhi
आज बुधवार से जुलाई माह की शुरूआत हो गई है। हर माह में 2 एकादशी व्रत रखे जाते हैं, 30 जून से आषाढ़ मास प्रारंभ हुआ है, जो कि 29 जुलाई तक रहेगा। इस दौरान आषाढ़ मास के कृष्‍ण पक्ष की एकादशी और शुक्‍ल पक्ष की एकादशी तिथि पड़ेगी। आपको बता दें कि आषाढ़ माह की पहली एकादशी को योगिनी एकादशी और दूसरी एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं. 

देवशयनी एकादशी के दिन से भी भगवान विष्‍णु 4 महीने के लिए पाताल लोक में योगनिद्रा में चले जाते हैं।  इसके बाद वे सीधे देवउठनी एकादशी पर जागते हैं और फिर से सृष्टि का संचालन अपने हाथ में लेते हैं. इस दौरान 4 माह का चातुर्मास रहता है. 

जुलाई 2026 की पहली एकादशी 
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि  आषाढ़ मास के कृष्‍ण पक्ष की एकादशी तिथि 10 जुलाई 2026 की सुबह 08:16 बजे से प्रारंभ होगी और 11 जुलाई की सुबह 05:22 बजे समाप्‍त हो जाएगी. उदयातिथि के आधार पर 10 जुलाई को एकादशी व्रत रखा जाएगा. यानी कि इस साल योगिनी एकादशी व्रत 10 जुलाई को है. 

इस दिन पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:41 बजे से 05:24 बजे तक रहेगा. वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:17 बजे से 01:10 बजे तक रहेगा. 

वहीं योगिनी एकादशी व्रत पारण 11 जुलाई को दोपहर 02:03 बजे से 04:42 मिनट तक रहेगा. इससे पहले सुबह 10 बजकर 32 मिनट तक हरि वासर रहेगा, जिसमें एकादशी व्रत का पारण नहीं किया जाता है.

WhatsApp Group Join Now

जुलाई माह में दूसरी एकादशी 
आषाढ़ शुक्‍ल एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं. द्रिक पंचांग के मुताबिक आषाढ़ शुक्‍ल एकादशी तिथि 24 जुलाई 2026 की सुबह 09:12 बजे से प्रारंभ होगी और 25 जुलाई 2026 की सुबह 11:34 बजे समाप्‍त होगी. उदयातिथि के आधार पर 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी व्रत रखा जाएगा. इस दिन पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:45 बजे से 05:29 बजे तक और अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:19 बजे से 01:11 बजे तक रहेगी. 

वहीं देवशयनी एकादशी व्रत का पारण 26 जुलाई 2026 को सुबह 06:13 बजे से 08:50 बजे तक रहेगा. देवशयनी एकादशी से भगवान विष्‍णु का 4 महीने का शयनकाल आरंभ हो जाएगा. जिसे आम बोलचाल की भाषा में देव का सोना कहा जाता है. 

इस एकादशी व्रत का महत्‍व 
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्‍णु को समर्पित एकादशी तिथि का व्रत हिंदू धर्म में बहुत अहम माना गया है. ये व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्‍य बढ़ता है। श्री हरि विष्णु की विशेष कृपा बरसती है. साथ ही कुछ एकादशी तिथि को विशेष माना गया है, जो सारे पाप नष्‍ट करके मोक्ष के द्वार खोलती हैं।