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चैत्र नवरात्र: मां की पूजा थाली में जरूर रखें यह 9 चीजें, ये है सामग्री की पूरी लिस्ट

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 mahendra india news, new delhi

हर साल चैत्र नवरात्र का इंतजार रहता है। इस बार चैत्र नवरात्र जल्द ही इंतजार खत्म होने वाला है। नवरात्र की अष्टमी तिथि मां दुर्गा के महागौरी' स्वरूप को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक इसी दिन मां काली, सरस्वती और लक्ष्मी की शक्तियां एक होकर महिषासुर का वध करने के लिए तैयार हुई थीं। अष्टमी की रात को मां कालरात्रि के साथ-साथ संधि पूजा का भी विधान है, जो अष्टमी और नवमी के मिलन का समय होता है। आध्यात्मिक रूप से यह तिथि भक्तों के सभी पापों के नाश करती है और सुख-शांति प्रदान करती है। वहीं कई श्रद्धालु ऐसे भी हैं जो केवल पहला और अष्टमी का व्रत रखकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।

 इस बार नवरात्र का पर्व आज वीरवार यानि 19 मार्च 2026 को है। घरों में साफ-सफाई से लेकर मां की चौकी सजाई गई है। देखने में आया है कि हम अक्सर मां की मूर्ति और सजावट पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन कई बार पूजा की थाली में कुछ चीजें छूट जाती हैं।

ज्योतिषचार्य पंडित लालचंद शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में 'षोडशोपचार पूजा' यानी 16 चरणों वाली पूजा का बड़ा महत्व है। लेकिन, अगर घर पर आप सरल पूजा भी कर रहे हैं, तो आपकी थाली का पूर्ण होना जरूरी है। मान्यता है कि जब हमारी पूजा सामग्री पूरी होती है, तो हमारा ध्यान भटकता नहीं है और हम पूरे मन से मां की भक्ति कर पाते हैं।

उन्होंने बताया कि शास्त्रों का आधार 'देवी भागवत पुराण' और 'आगम शास्त्रों' में बताया गया है कि देवी की पूजा में 'पंचोपचार' (पांच मुख्य वस्तुएं) या 'दशोपचार' सामग्री का होना जरूरी है। ये चीजें न केवल प्रतीकात्मक हैं, बल्कि हमारे आसपास के वातावरण को भी शुद्ध करती हैं।

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यह होनी चाहिए पूजा थाली की 9 जरूरी चीजें
1. मां के श्रृंगार और तिलक के लिए लाल रोली सबसे जरूरी है। यह शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक है।
2. आप ये भी ध्यान रख्खे कि चावल टूटे हुए न हों। शास्त्रों में 'अक्षत' का अर्थ ही है 'जो खंडित न हो', यह पूर्णता का प्रतीक है।

3. पूजा की थाली में एक सुंदर दीपक जरूर रखें।

4. अपनी पसंद की सुगंध वाली धूप रखें, जो मन को एकाग्र करने में सहायता करे।

5. मां दुर्गा को लाल रंग बहुत प्रिय है। गुड़हल या गुलाब के फूल थाली की शोभा और श्रद्धा दोनों बढ़ाते हैं।

6. मौली या कलावा को 'रक्षा सूत्र' भी कहते हैं। पूजा के दौरान इसे हाथ में बांधा जाता है और देवी को वस्त्र के रूप में भी अर्पित किया जाता है।

7. शुद्धिकरण के लिए गंगाजल का होना बहुत जरूरी है। इससे स्वयं पर और सामग्री पर छिडक़ाव करें। 

8. किसी भी शुभ कार्य के संकल्प और देवी-देवताओं के आह्वान के लिए पान-सुपारी जरूरी मानी गई है।

9. मां को भोग चढ़ाने के लिए पताशे, मिश्री या कोई भी फल जरूर रखें।