देश विदेश में साध संगत ने धूमधाम से मनाया पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का अवतार दिवस
mahendra india news, new delhi
डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का 59 वां जन्मदिवस देश विदेश में एमएसजी अवतार भंडारे के रूप में मनाया गया। उमस भरी गर्मी के बावजूद शाह सतनाम जी - शाह मस्ताना जी धाम डेरा सच्चा सौदा सिरसा में आयोजित नामचर्चा सत्संग भंडारे में लाखों की संख्या में साध संगत नाचते-गाते हुए पहुंची। कहीं ढोल की थाप पर संगत थिरक रही थी तो कहीं बैंड बाजों की धुन पर संगत नाच गा रही थी। खुशी के साथ साथ साध संगत ने एमएसजी अवतार भंडारे को मानवता के कार्यों के साथ मनाया।

नामचर्चा सत्संग कार्यक्रम के दौरान क्लॉथ बैंक मुहिम के तहत 59 अति जरूरतमंद परिवारों को कपड़े वितरीत किए गए। नामचर्चा सत्संग के दौरान पूज्य गुरु जी ने सर्वप्रथम समस्त साध संगत व देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए फरमाया कि आज का दिन हमारे देश के लिए बहुत बड़ा दिन है। 15 अगस्त 1947 का वो दिन जब देश आजाद हुआ। हमारे शूरवीर, योद्धा, स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने अपनी आहुतियां दी व देश को आजाद करवाने के लिए अपनी कुर्बानियां दी। उन सभी को हम सैल्यूट करते हैं। ऐसे महान योद्धाओं की आत्माओं का मालिक अपनी कृपा से शाह मस्ताना जी-शाह सतनाम जी दाता, ओम, हरि भला करे। पूज्य गुरु जी ने आगे फरमाया कि हमारा देश तरक्की कर रहा है, भविष्य में और ज्यादा तरक्की करे व सभी सुखी रहे।

नामचर्चा सत्संग के दौरान पूज्य गुरु जी के जन्म से संबंधित डॉक्यूमेंट्री साध संगत को दिखाई गई। एमएसजी अवतार भंडारे का जिक्र करते हुए पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि डेरा सच्चा सौदा की साध संगत इस दिन को एमएसजी भंडारे के रूप में मनाती है क्योंकि यह एमएसजी भंडारा स्वयं शाह सतनाम जी महाराज ने शुरु किया। इससे पूर्व समस्त साध संगत ने पवित्र नारा बोलकर पूज्य गुरु जी को अवतार दिवस की शुभकामनाएं दी। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि अपने सतगुरु के परोपकारों का ऋण नही चुकाया जा सकता।
परमात्मा का नाम अनमोल है, कबीर जी के समय तो परीक्षा ली जाती थी, तब जाकर गुरुमंत्र मिलता था। लेकिन इस कलयुग में कोई परीक्षा नहीं, बस आकर सत्संग में बैठ जाओ व राम नाम का जाप करो। राम नाम का जाप करने से चुटकियों में नशा व अन्य बुराईयां छुट जाती हैं। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि राम नाम जपने से आत्मबल जागेगा व ओम, हरि, अल्लाह, गॉड के दर्शनों के लायक बन जाओगे। जो वचनों पर अमल करता है, वह ओम के नजारे लूटता है। डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत को हमेशा ही एक बात सिखाई जाती है कि सच ही बोलना है, कभी झूठ नही बोलना। डेरा सच्चा सौदा एक ऐसा दर है, जहां जात-पात का कोई मतलब नही है। यहां हर कोई मिल जुलकर रहता है व सभी धर्मों का सम्मान करना
सिखाया जाता है। यहां धर्म व जात-पात का कोई चक्कर ही नहीं है क्योंकि सभी एक मालिक के बच्चे हैं। डेरा सच्चा सौदा का एक एक सेवादार मानवता को समर्पित है। साध संगत परहित परमार्थ करके दीन दुखियों की मदद करती है। जिसके पास घर नही है, उसे घर बनाकर देती है, जिसके पास खाने को नहीं है, उन्हे राशन देती है। इस प्रकार साध संगत 176 मानवता भलाई के कार्यों में लगातार जुटी हुई है। डेरा सच्चा सौदा में साध संगत को तन-मन-धन से परहित परमार्थ करने की शिक्षा दी जाती है। बता दें कि गत दिवस 14 अगस्त को पूज्य गुरु जी के अवतार दिवस के उपलक्ष में देश विदेश में पौधारोपण अभियान चलाया गया, जहां करोड़ों साध-संगत ने पौधे रोपित कर पर्यावरण सरंक्षण का संदेश दिया व पौधों की संभाल का जिम्मा भी स्वयं संभाला।
