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संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा, महारास व ठाकुर जी-रूकमणि विवाह महोत्सव में झूमे श्रद्धालु

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Devotees rejoiced in the musical Shrimad Bhagwat Katha, Maharaj and Thakur Ji-Rukmani marriage festival

mahendra india news, new delhi
सिरसा। समस्त स्वर्णकार समाज की ओर से 31 मई से 6 जून तक आयोजित की जा रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के 6वें दिन कथावाचिका डा. राधिका दीदी ने रासलीला व ठाकुर विवाह महोत्सव का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को निहाल किया। कथा में बाबा सरसाईनाथ मंदिर के महंत सुंदराईनाथ ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने कथा में बाबा सरसाईनाथ के बारे में विस्तार से बताया। कथावाचिका ने भगवान ठाकुर जी की बाल लीलाओं, माखन चोरी, कालिया दहन और गोवर्धन पूजा का विस्तार से वर्णन किया। कलाकारों द्वारा भगवान श्री कृष्ण की अलौकिक लीलाओं और उनके दिव्य विवाह प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया, जिसने पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

शरद पूर्णिमा या विशेष रास उत्सव के दौरान ठाकुर जी और गोपियों के बीच होने वाले महारास की झांकियां सजाई गई। ठाकुर जी विवाह (रुक्मणी परिणय) महोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए कथावाचिका ने बताया कि महोत्सव के मुख्य दिन भगवान श्री कृष्ण के द्वारका गमन और माता रुक्मिणी के साथ उनके दिव्य विवाह (रुक्मिणी परिणय) का आयोजन होता है। ठाकुर जी को पारंपरिक दूल्हे की पोशाक, सिर पर मौर (मुकुट) और आभूषण पहनाकर फूलों से सजी भव्य पालकी या रथ में विराजमान किया जाता है। श्रद्धालु गाजे-बाजे और सांवरिया ले आया बारात जैसे भजनों पर नाचते हुए बारात का स्वागत करते हैं। विवाह प्रसंग के दौरान पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालु माता रुक्मणी के स्वरूप का कन्यादान करने की रस्म निभाते हैं।

इसके बाद ठाकुर जी और माता की महाआरती कर छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया जाता है। कथावाचिका ने महंत सुंदराईनाथ को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। प्रसाद वितरण के साथ ही कथा को विश्राम दिया गया। संजय सोनी ने बताया कि कथा 31 मई से 6 जून तक चलेगी। कथा का समय सांय 03.15 बजे से सांय 6.15 बजे तक रहेगा। 07 जून को पूर्ण आहूति व भंडारा होगा। उन्होंने समस्त शहरवासियों से आह्वान किया कि समयानुसार कार्यक्रम में आकर कथा का श्रवण कर पुण्य के भागी बनें।

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इस मौके पर सोनी धर्मशाला के प्रधान सोनू गोरीवाला, तहसील प्रधान गजानंद सोनी सिरसा, लीलाधर सोनी, संजय सोनी, महेंद्र सोनी, राजकुमार सोनी, कृष्ण सोनी, सुरजीत सोनी, बंसीलाल सोनी, सतपाल सोनी, प्रमोद सोनी, रामप्रताप सोनी, मदन सोनी, विकास सोनी, बलवंत सोनी, राजू सोनी, रामकिशन सोनी, मनोज सोनी, काशीराम सोनी, सुखविंद्र सोनी सहित स्वर्णकार समाज के अनेक महानुभाव उपस्थित थे।