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धनतेरस 2026 आज: भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त, जानें क्या खरीदना रहेगा शुभ

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Dhanteras 2026 Today: Auspicious timing for the worship of Lord Dhanvantari and Goddess Lakshmi; find out what is considered auspicious to purchase

 mahendra india news, new delhi
देशभर में आज शुक्रवार यानि 6 नवंबर को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। हर साल धनतेरस का इंतजार रहा रहता है। ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि इस साल 2026 में धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा. कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इसका समापन 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर होगा. खरीदारी का समय शाम 5:33 क्क.रू. बजे से रात 8:09 क्क.रू. बजे तक रहेगा. 


हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार विशेष माना जाता है. इसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, समुद्र मंथन के समय कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. तभी से इस दिन को धनतेरस के नाम से मनाया जाता है।
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल के बर्तन और झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है. इसके अलावा साबुत धनिया और नमक जरूर खरीदना चाहिए. ऐसा माना जाता है की इस दिन ये सारी चीजे खरीदना अच्छा माना जाता है और इससे घर मे सुख-समृद्धि आती है। सोना, चांदी, बर्तन और दूसरी शुभ चीजें खरीदने की परंपरा है. दिए गए पंचांग के अनुसार, 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे से खरीदारी की जा सकती है. हालांकि, खरीदारी का सटीक शुभ समय स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है

धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा है. मान्यता है कि झाड़ू मां लक्ष्मी से जुड़ी होती है और इसे घर लाने से दरिद्रता दूर होती है. इसके अलावा, साबुत धनिया खरीदना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे घर में धन-धान्य की बढ़ोतरी होती है. वहीं, धनतेरस पर नमक खरीदने की भी परंपरा है. माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है.

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देंखे शुभ मुर्हूत 
धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 5:33 क्क.रू. बजे से रात 8:09 क्क.रू. बजे तक
वृषभ काल: शाम 6:02 क्क.रू. बजे से रात 7:57 क्क.रू. बजे तक