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दीपावली पर्व आज, ये है पूजन का शुभ मुहूर्त, यह बरतें सावधानी

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Diwali is today, this is the auspicious time for worship, how to please Goddess Lakshmi, take these precautions
mahendra india news, new delhi

देशभ्भर में दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। दीपावली पर्व पर उमंग और उत्साह भी। आज 20 अक्टूबर सोमवार को सूर्यास्त के बाद देशभर के हर घर, गली-चौराहे, मठ-मंदिर दीपों से जगमाएंगे। इसी के साथ ही मां लक्ष्मी, कुबेर व गणेश जी का पूजन होगा। इसी के साथ ही व्यापार की खुशहाली के लिए बही खाता बदले जाएंगे।


सिरसा के ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि कार्तिक कृष्णपक्ष की अमावस्या 20 अक्टूबर की दोपहर 2.57 बजे से लग जाएगी। इसी के साथ ही शाम 7.10 से रात 9.06 बजे तक वृष की स्थिर लग्न रहेगी। हस्त नक्षत्र का संचरण अत्यंत उत्तम है। इसमें पूजन करने से धन-धान्य की प्राप्ति होगी। दीपावली पर्व पर करीब 100 साल बाद बन रहा महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण अपने आप में सुखद है. इस वर्ष दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का सर्वोच्च शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 8 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 18 मिनट तक रहने वाला है। 


पूजन में बरतें सावधानी : शिवमूरत 
उन्होंने बताया कि दीपावली पर लक्ष्मी, गणेश व कुबेर के पूजन में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। स्नान के बाद शुद्ध व सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद चौकी पर लक्ष्मी, गणेश व कुबेर की मूर्ति को रखकर उसमें मौली बांधे। फिर चौकी पर छह चौमुखे व 26 छोटे घी के दीपक जलाएं। इसके बाद देवताओं को गंगाजल से स्नान कराने के बाद रोली, अक्षत, मिष्ठान, धूप, धान का लावा, मधु, सफेद मेवा, दीप आदि अर्पित करें। फिर माता लक्ष्मी का मन में आह्वान करते हुए ''लक्ष्मीश्रोत व श्रीसूक्त'' का पाठ करें। 

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उन्होंने बताया कि मां लक्ष्मी के पूजन में कमलगट्टे का विशेष महत्व है। मां लक्ष्मी के पूजन में कमलगट्टे की माला से ''ओम श्रीं हृीं श्री कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद ओम श्रीं हृीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:'' का 108 बार जाप करने से मां लक्ष्मी अतिशीघ्र प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा ग्रहीय परिवर्तन को देखते हुए सबसे लक्ष्मी, गणेश, कुबेर के अलावा दूसरे देवताओं की भी पूजा करनी चाहिए। इससे हर भवबाधा से मुक्ति मिलती है।