इस दिन है गंगा दशहरा 2026, गंगा स्नान का मुहूर्त, गंगा दशहरा पर ये करें दान
हर वर्ष गंगा दशहरा पर्व का इंतजारा रहता है। इस वर्ष पर्व की सही तिथि को लेकर लोगों में भ्रम देखने को मिल रहा है। ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत 25 मई 2026 को सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर होगी और समापन 26 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर गंगा दशहरा का पर्व 25 मई 2026, सोमवार को मनाया जाएगा।
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि पतित पावनी मां गंगा के धरती पर प्रवाहित होने के प्रतीक के रूप में गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान राम के पूर्वज भगीरथ ने अपने कुल के लोगों की आत्मा की शांति और उनके तर्पण के लिए मां गंगा का धरती पर आने के लिए आह्वान किया था। इसके लिए उन्होंने घोर तपस्या की और ब्रह्मा जी के आशीर्वाद से गंगा मां को धरती पर लाने में सफल रहे। लेकिन उनका वेग इतना अधिक था कि धरती उसे संभाल नहीं पा रही थी। इसलिए गंगा मां जब स्वर्ग से धरती पर उतरीं तो भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण कर लिया था। इसके बाद ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को उन्होंने धरती पर गंगा को प्रवाहित किया था।
गंगा स्नान का मुहूर्त
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि गंगा दशहरा पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह 4 बजकर 40 मिनट से लेकर 5 बजकर 23 मिनट तक का समय स्नान के लिए सबसे सही रहेगा। इसके अलावा, जो लोग सुबह स्नान नहीं कर पाएं, वह दोपहर में 12 बजकर 17 मिनट से 1 बजकर 10 मिनट तक भी स्नान और दान कर सकते हैं। अगर गंगा घाट जाना संभव न हो, तो घर में स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी शुभ माना गया है।
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गंगा दशहरा पर ये करें सत्तू, गुड़ और जल का दान
मां गंगा की पूजा करें, दीप जलाएं और जरूरतमंद लोगों को दान दें। इस दिन जल, वस्त्र, फल, सत्तू और गुड़ दान करना विशेष फलदायी माना गया है।
