शरद पूर्णिमा पर सालासरधाम मंदिर में भव्य जागरण, स्वर्णमयी गुंबजों का किया अनावरण
mahendra india news, new delhi
। शरद पूर्णिमा के मौके पर श्री सालासरधाम मंदिर में सोमवार की सांय को श्रीबालाजी महाराज का जागरण आयोजित किया गया। श्री सालासर धाम मंदिर कमेटी के प्रधान गोपाल सर्राफ ने बताया कि कार्यक्रम में उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल व उनके सुपुत्र मनीष सिंगला व श्री तारा बा बा कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके पर प्रो. गणेशीलाल ने कहा कि शरद पूर्णिमा का पर्व भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की पावन रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में गोपियों के साथ महारास रचाया था।
यह महारास भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के निश्छल प्रेम, समर्पण तथा भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें जीवन में प्रेम, सद्भाव, करुणा और आध्यात्मिक चेतना को अपनाने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनकी लीलाएं मानव समाज को धर्म, कर्म तथा प्रेम के मार्ग पर चलने का संदेश देती हैं। इस मौके पर श्री तारा बाबा कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रत्येक पर्व का अपना धार्मिक और सामाजिक महत्व है। शरद पूर्णिमा भी ऐसा ही पर्व है, जो लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का महारास केवल नृत्य नहीं, बल्कि भक्ति और परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण का आध्यात्मिक प्रतीक है। ऐसे पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथ-साथ समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। मंदिर कमेटी प्रधान गोपाल सर्राफ ने बताया कि सायं 7 बजे श्री राधाकृष्ण के स्वर्णमयी गुंबज का अनावरण मुख्यातिथि द्वारा किया गया। सवा सात बजे बालरूप हनुमान जी के स्वर्णमयी गुंबज का अनावरण किया गया। इसके बाद मनोज व कमल बंसल (डायमंड कारपेट वाले) द्वारा साढ़े सात बजे बालाजी की भव्य श्रृंगार आरती और ज्योत प्रज्जवलित की गई। सायं साढ़े 7 बजे बालाजी महाराज का भव्य रात्रि जागरण शुरू किया गया, जिसमें दीप गर्ग ने अपनी मधुर वाणी से सालासर वाले बालाजी, मेरा बेड़ा पार लगा देना, बालाजी मेरे घर आना, एक बार तो आना, लाल लंगोटे वाला, मेरा संकट हरने वाला, मेहंदीपुर के बालाजी, तेरी महिमा है निराली और संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बलबीरा... जैसे लोकप्रिय भजनों से श्रद्धालुओं को रातभर रिझाए रखा। भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे और मधुर भजनों पर झूमते हुए बालाजी महाराज का गुणगान किया। मंदिर परिसर में गूंजते जयकारों ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। जागरण के दौरान बीच-बीच में महारास की झांकियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। आरती के बाद बालाजी का सवामण लड्डू प्रसाद तथा रात्रि सवा 12 बजे बालाजी का अमृत रूपी खीर प्रसाद वितरित किया गया।

उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर, मंगलवार की सायं 7 बजे बालाजी महाराज की ज्योत प्रज्ज्वलित एवं भव्य श्रृंगार आरती की जाएगी। सवा सात बजे बालाजी महाराज का सवामण लड्डू भेंट किया जाएगा। रात्रि साढ़े 7 बजे संगीतमयी श्री सुंदरकांड पाठ किया जाएगा, जिसका वाचन श्री रामदूत सेवा मण्डल फतेहाबाद के नंदपाल अग्रवाल द्वारा किया जाएगा। रात्रि साढ़े 9 बजे बालाजी महाराज का रसोई प्रसाद वितरित किया जाएगा।
