Khatu Shyam: मान्यता है यहां हर मनौती पूरी होती है, आइए जाने खाटू श्याम का इतिहास
| Sep 2, 2026, 08:59 IST
mahendra india news, new delhi
खाटू श्याम जी राजस्थान के सीकर ज़िले में स्थित हैं और इन्हें कलयुग के देवता के रूप में पूजा जाता है। इनका असली नाम बारबरिक था, जो महाभारत में घटोत्कच और मोरवी के पुत्र थे।
श्याम बाबा की कथा
- बारबरिक को भगवान शिव और देवी पार्वती से तीन अद्भुत बाणों का वरदान मिला था।
- इन तीन बाणों की शक्ति से वे अकेले ही पूरी दुनिया जीत सकते थे।
- महाभारत युद्ध के समय श्रीकृष्ण ने बारबरिक की परीक्षा ली और उनसे शीश दान मांगा।
- बारबरिक ने खुशी-खुशी अपना शीश दान कर दिया।
- श्रीकृष्ण ने प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद दिया कि कलयुग में वे “श्याम” नाम से पूजे जाएंगे।
खाटू धाम
- खाटू श्याम जी का मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गाँव में स्थित है।
- यहाँ हर साल लाखों भक्त दर्शन करने आते हैं।
- फाल्गुन मेला विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
मान्यता
भक्त मानते हैं कि हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा" —
यानी जो भी सच्चे दिल से बाबा को पुकारता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है।
