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नाग पंचमी आज: नाग पंचमी पर बनेंगे रवि और शुभ योग, देखें पूजा का शुभ समय

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Nag Panchami Today: Ravi Yoga and Shubh Yoga to coincide with Nag Panchami; check the auspicious time for worship

mahendra india news, new delhi
हर साल नाग पंचमी पर्व का इंतजार रहता है। देशभर में सावन माह के आज तीसरे सोमवार के साथ आज नाग पंचमी का पर्व है। हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व बहुत ही पावन और फलदायी माना गया है। यह पर्व पूरा दिन नाग देवताओं की पूजा-अर्चना और उनका आशीर्वाद पाने के लिए समर्पित होता है। 

सिरसा के प्रसिद्ध् ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा के अनुसार ज्योतिष शास्त्र की मानें तो नाग पंचमी का दिन कुंडली के बड़े से बड़े ग्रहों के दोषों को शांत करने के लिए सबसे उत्तम माना गया है. हिंदू धर्म में अधिकतर व्रत और पर्व उस तिथि के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं, जो सूर्योदय के समय मौजूद रहती है। 17 अगस्त को सूर्योदय के वक्त पंचमी तिथि विद्यमान रहेगी। इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगा। इसलिए पंचांग और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026 को मनाना उचित रहेगा।

नाग पंचमी पूजा का शुभ समय
सिरसा के प्रसिद्ध् ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि 17 अगस्त को नाग पंचमी की पूजा के लिए सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक का वक्त शुभ रहेगा। इस 2 घंटे 37 मिनट की अवधि में नाग देवता की पूजा-अर्चना की जा सकती है। मान्यता है कि नाग पंचमी पर विधि-विधान से पूजा करने और शिव आराधना करने से नाग संबंधी दोषों से राहत मिलती है। कालसर्प दोष से जुड़े उपाय भी इस दिन किए जाते हैं। 

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इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:24 बजे से 5:08 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक रहेगा। निशिता मुहूर्त रात 12:03 बजे से 12:47 बजे तक रहने वाला है।

नाग पंचमी पर बनेंगे रवि और शुभ योग
सिरसा के प्रसिद्ध् ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा  ने इस बार नाग पंचमी के दिन दो विशेष योग बन रहे हैं। इनमें पहला रवि योग है, जो 17 अगस्त को सुबह 5:51 बजे से शुरू होकर सुबह 8:04 बजे तक रहेगा। इसके बाद रवि योग 18 अगस्त को सुबह 4:58 बजे से 5:52 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यता में रवि योग को शुभ माना जाता है और इस दौरान किए गए शुभ कार्यों के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है।

इसके अलावा 17 अगस्त को सुबह से शुभ योग भी रहेगा, जो 18 अगस्त को तडक़े 3:29 बजे तक चलेगा। इसके बाद शुक्ल योग आरंभ हो जाएगा। 

खगोलशास्त्र

नाग पंचमी पर राहुकाल का वक्त
सिरसा के प्रसिद्ध् ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि 17 अगस्त को राहुकाल सुबह 7:30 बजे से 9:08 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में राहु-केतु से संबंधित दोषों की शांति के लिए भगवान शिव की आराधना की जाती है। कालसर्प दोष को भी राहु और केतु से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में इस दिन शिव पूजन, मंत्र जाप और दोष निवारण से जुड़े धार्मिक उपाय किए जा सकते हैं।

नाग पंचमी पर रत्न धारण करने की सही विधि
नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें. सबसे पहले भगवान शिव और नाग देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना करें। 
इसके बाद अपनी जरूरत और ज्योतिषी की सलाह से लिए गए रत्न को गंगाजल और कच्चे दूध से अच्छी तरह शुद्ध कर लें. फिर भगवान गणेश और नाग देव का ध्यान करते हुए उस रत्न की अंगूठी को धारण करें। 

रत्न पहनने के बाद नाग देवताओं के मंत्रों का जाप करना और किसी जरूरतमंद को दान-पुण्य करना बेहद फलदायी माना जाता है. ऐसा करने से रत्नों का शुभ प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।