नौतपा 2026: नौतपा में जरूर करें पौधा रोपण, पुराणों में बताया गया है इसका विशेष महत्व
हर वर्ष नौतपा का इंतजार रहता है। इस वर्ष 2026 में नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी, इसके बाद नौतपा 2 जून तक रहेगा। पूर्वांचल में इस दौरान सूर्य धरती को तपाएगा और बरसात के अनुकूल मौसम को बनाए रखेगा। हालांकि नौतपा के इर्द गिर्द प्री मानसूनी परिस्थितियां भी सक्रिय होती हैं और मानसूनी हाताल इसी दौरान तय होता है।
नौतपा में नौ दिन की भीषण गर्मी और लू का समय होता है, जो अच्छी मानसून बारिश और कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस समय सूर्य पृथ्वी के सबसे करीब होता है, जिससे उसकी किरणें सीधे पड़ती हैं और भूमि तथा समुद्र का पानी तेजी से तपता है, जिससे वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेज होती है।
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि धार्मिक और ज्योतिष मान्यता के मुताबिक सूर्य देव जितने दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं, उतने दिन पृथ्वी पर भीषण व प्रचंड गर्मी पड़ती है। इस दौरान सूर्य देव के रोहिणी नक्षत्र में इंट्री करते ही चंद्रमा का प्रभाव कम हो जाता है, जोकि शीतलता के कारक माने जाते हैं।
इस गर्मी के मौसम में बढ़ती गर्मी आमजन जीव जंतू के लिए तो असहनीय हो ही जाती है। इसी के साथ प्रकृति पर भी भंयकर गर्मी का प्रभाव पड़ता है। इसलिए शास्त्रों में इस दौरान पेड़-पौधे लगाने और इसकी सिंचाई करने के महत्व के बारे में बताया गया है। इस वक्तवृक्षारोपण करने से बहुत पुण्य मिलता है। वहीं जीवनकाल में पेड़-पौधे लगाने से मरने के बाद नरक का मुख भी नहीं देखना पड़ता है। जानिए नौतपा में आपको कौन से पड़े-पौधे लगाने चाहिए और इसके क्या फायदा है।
तुलसी
इस तुलसी का पौधा हर हिंदू आवास पर जरूर होता है. मान्यता है कि जिस घर पर तुलसी का पौधा होता है और नियमित रूप से इसकी पूजा की जाती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है।
केला
इस पौधे पर भगवान विष्णु और देव बृहस्पति को प्रिय है। इस वक्त आप केले का पौधा भी लगा सकते हैं। इससे आर्थिक फायदा होगा।
आंवला
आंवले के जड़ में भगवान विष्णु का निवास होता है, इसलिए आंवला भी जरूर लगाएं। इससे भगवान विष्णु के साथ ही लक्ष्मी जी की भी कृपा बरसती है।
आम
इस आम का पेड़ लगाने से पितृ प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है, इसी के साथ ही इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।।
करी पत्ता
इसे मीठा नीम भी कहा जाता है, इसका पौधा भी लगाना शुभ माना जाता है. क्योंकि इसकी पत्तियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं।
