नवरात्र आज से, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की होगी पूजा
mahendra india news, new delhi
हर वर्ष शारदीय नवरात्रों का भक्तों को इंतजार रहता है। शारदीय नवरात्रा प्रथम दिन रविवार यानि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहे हैं। इस माह में दस दिनों तक चलने वाले शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। नवरात्र के दौरान हरियाणा प्रदेश के सभी दुर्गा मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई है।
प्रथम दिन माता रानी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की दुर्गा मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाएगी। रविवार को ही लोगों के घरों से लेकर पूजा पंडाल तक में कलश स्थापना की जाएगी। इसकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई है।
ज्योतिषाचार्य पं. नीरज शर्मा ने बताया कि सेंड के दिन से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। पंचांग गणना के अनुसार, 11 अक्टूबर यानी रविवार को देवी आराधना की पूजा और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:27:09 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:07 बजे तक का रहेगा।
इस अवधि में कलश स्थापना शुभ होगा। बताया कि इस साल शारदीय नवरात्र में नवमी तिथि दो दिन लग रही है। इसके बावजूद इस साल का नवरात्र पूरे दस दिनों का होगा।
उन्होंने बताया कि इस साल नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग बन रहा है। 17 अक्टूबर को सप्तमी है। इस दिन मां का पट खुलेगा।
कलश स्थापना से मिलेगी सुख-समृद्धि
ज्योतिषाचार्य पं. नीरज शर्मा ने वैदिक ने पुराणों के हवाले से बताया कि कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। कलश में ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र, नवग्रह समेत चौसठ योगिनियों सहित सभी देवी-देवताओं का वास होता है।
धर्मशास्त्र के अनुसार नवरात्र में कलश की पूजा करने से सुख- समृद्धि, धन, वैभव, ऐश्वर्य, शांति, पारिवारिक उन्नति तथा रोग-शोक का नाश होता है।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। पर्वत राज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा।
यह सती के नाम से भी जानी जाती हैं। इनका वाहन वृषभ है। देवी ने दाएं हाथ में त्रिशूल धारण कर रखा है और बाएं हाथ में कमल।
18 अक्टूबर को महाअष्टमी
शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र को लेकर तमाम घरों में साफ-सफाई से लेकर अन्य इंतजाम पूर्ण कर लिया गया है। इस साल 18 अक्टूबर को को महाअष्टमी होगी।
19 अक्टूबर को नवमी के दिन नवरात्र रखने वाले भक्त हवन करेंगे। 20 अक्टूबर को दशमी के दिन नवरात्र का विधिवत समापन हो जाएगा।
