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चैत्र माह की पूर्णिमा इस दिन, पूर्णिमा पर रात्रि के समय इन खास मंत्रों का करें, खुल जाएंगे बंद किस्मत के ताले

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On this day of the full moon of Chaitra month, chant these special mantras at night on the full moon day, the locks of your destiny will open
mahendra india news, new delhi

हर वर्ष चैत्र की पूर्णिमा का इंतजार रहता है। ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को महत्वपूर्ण तिथियों में से एक माना गया है। इस बार चैत्र पूर्णिमा वीरवार 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए विशेष माना गया है। ऐसे में इस दिन चैत्र माह की चैत्र माह की पूर्णिमा इस दिन, पूर्णिमा पर इन खास मंत्रों का करें, जप करके फायदा ले सकते हैं। 

ये हैं पूर्णिमा शुभ मुहूर्त 
चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि एक अप्रैल 2026 को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि के समापन की बात की जाए, तो यह 2 अप्रैल 2026 को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन पर चंद्रोदय का समय कुछ इस प्रकार रहेगा।
पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समय - शाम 7 बजकर 7 मिनट पर

पूर्णिमा के दिन जरूर करें यह काम
चैत्र माह की पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से लक्ष्मी-नारायण की पूजा करें।
ख्ख्पूजा में इत्र, फल, फूल और सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा को कच्चे दूध, चीनी और चावल मिलाकर अर्घ्य दें।
पूर्णिमा के दिन अन्न और धन का दान जरूर करें।

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1. भगवान विष्णु के मंत्र

ॐ नमो नारायण

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

2. मां लक्ष्मी के मंत्र (Laxmi ji ke Mantra)

श्री लक्ष्मी बीज मंत्र - ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः।।

श्री लक्ष्मी महामंत्र - ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।

लक्ष्मी प्रार्थना मंत्र -

नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया।
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।।

श्री लक्ष्मी गायत्री मंत्र -

ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥

3. चंद्र देव मंत्र -

ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:

ॐ सों सोमाय नमः