जैसलमेर जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रुणिचा धाम (रामदेवरा) में लोगों की आस्था, हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं
mahendra india news, new delhi
बाबा रामदेवरा रुणिचा धाम जैसलमेर जिले में स्थित एक विश्व प्रसिद्ध मंदिर है जो लोक देवता बाबा रामदेव के समाधि स्थल के रूप में जाना जाता है, जहां हर वर्ष इस मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इन्हें भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है और ये हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक हैं।
यहां पर मंदिर
बाबा रामदेवरा धाम राजस्थान के जैसलमेर जिले में पोखरण से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है। बाबा रामदेव ने यहां समाधि ली थी, और बाद में महाराजा गंगा सिंह ने उन्हीं के समाधि स्थल पर मंदिर का निर्माण करवाया। बता दें कि बाबा रामदेव को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है और वे हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के पूज्य हैं।
भादवा में लगता है मेला:
भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाले मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालु पैदल यात्रा करके रुणिचा धाम पहुंचते हैं और 'नेजा' (ध्वज) बाबा के चरणों में अर्पित करते हैं। माना जाता है कि रुणिचा धाम जाने से भक्तों को वही पुण्य फल मिलता है जो भगवान रामदेव के दर्शन से मिलता है। बाबा रामदेव सामाजिक समरसता और एकता के प्रतीक हैं, और उनकी शिक्षाओं का पालन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं।
रामसरोवर तालाब:
मंदिर परिसर में पवित्र रामसरोवर तालाब भी स्थित है, जिसे तीर्थ स्थान माना जाता है।
रुणिचा धाम वह स्थान है जहाँ लाखों भक्त सामाजिक एकता और धर्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
