श्राद्ध पक्ष में शनेश्वरी अमावस्या का विशेष महत्व, प्राचीन शानी धाम में होगा शनि अमावस्या महोत्सव का आयोजन
mahendra india news, new delhi
श्राद्ध पक्ष में अपने दिवंगत पितरों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने का पर्व होता है। पितृजन श्राद्ध पक्ष के 16 दिनों में अपनों पर कृपा बरसाने के लिए आते हैं और उन्हें अपना शुभ आशीर्वाद देते हैं। श्राद्ध पक्ष की अमावस्या का विशेष महत्व होता है इस दिन हम एक साथ सभी पितरों को तर्पण कर सकते हैं। इस बार श्राद्ध पक्ष की अमावस 10 अक्टूबर, शनिवार को है। शनिवार को होने के कारण इस अमावस्या का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। यह जानकारी देते हुए नोहरिया बाजार स्थित प्राचीन श्री शनि धाम मंदिर के
पुजारी दीपक भार्गव एवं राजकुमार ने बताया कि शनिचरी अमावस्या के दिन शनि देव जी की पूजा का विशेष महत्व है। शनिचरी अमावस्या के अवसर पर प्राचीन श्री शनि धाम मंदिर प्रांगण में शनि अमावस्या महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर 10 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे मंदिर में हवन होगा तत्पश्चात् भगवान शनि देव जी के पूजन के साथ शनि तेल स्नान आरंभ होगा।
श्रद्धालुओं द्वारा शनिवार को प्रसाद का वितरण किया जाएगा ।शनिवार शाम को 8 बजे से भजन संकीर्तन कार्यक्रम होगा जिसमें राजेंद्र गनेरी वाला अपने भावों की प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर भोजन प्रसाद का भी वितरण किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालु जनों से आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर सपरिवार पधारकर भगवान शनिदेव जी का आशीर्वाद प्राप्त करें।
