सकट चौथ का व्रत आज, महिलाएं जरूर करें ये काम, ये है चांद निकलने का वक्त
हर वर्ष महिलाओं को सकट चौथ व्रत का इंतजार रहता है। महिलाओं के द्वारा माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सकट चौथ का व्रत किया जाता है। इसे संकष्टी चतुर्थी, तिलकुटा चौथ और माघी चौथ के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत को महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु और बेहतर भविष्य के लिए व्रत करती हैं। इसी के साथ ही गणपति बप्पा की विशेष पूजा-अर्चना करती हैं
ज्योतिषचार्य पंडित लालचंद शर्मा ने बताया कि वैदिक पंचांग के मुताबिक माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 06 जनवरी को सुबह 08 बजकर 01 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 07 जनवरी को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में 06 जनवरी को सकट चौथ का व्रत किया जाएगा।
चांद निकलने का वक्त
उन्होंने बताया कि सकट चौथ व्रत का पारण चंद्र दर्शन करने के बाद ही किया जाता है। इस दिन चंद्रोदय रात्रि 09 बजे होगा। ऐसे में चंद्र देव को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करें।
धार्मिक महत्वसकट चौथ का
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि सकट चौथ का पर्व भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन महिलाएं संतान सुख की प्राप्ति के लिए व्रत करती हैं। साथ ही गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करती हैं। इससे संतान को लंबी उम्र का आशीर्वाद प्राप्त होता है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
सकट चौथ पूजा विधि
महिलाएं इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और गणेश जी का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
इसके बाद चौकी पर भगवान गणेश की प्रतिमा को विराजमान करें।
सिंदूर, फूल, दूर्वा अर्पित करें।
व्रत कथा का पाठ करें।
रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य दें और व्रत का पारण करें।
गणेश मंत्र
1. ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥
2. ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्
3. 'गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।
